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मंदिरों के शहर में धूमधाम से मनाई गई मकर संक्रांति
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जम्मू्। मंदिरों के शहर जम्मू में शुक्रवार को लोगों मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बावे वाली माता मंदिर, श्री बावे अंबे स्मारक, लक्ष्मी नारायण मंदिर गांधी नगर, लक्ष्मी नारायण मंदिर पक्का डंगा, रणवीरेश्वर मंदिर, रघुनाथ मंदिर और चांद नगर स्थित गुरुद्वारा सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर लोगों की भीड़ लगी रही। पुरमंडल आदि कई स्थलों पर लोगों ने स्नान कर पूजा-अर्चना की। इस कोरोना के खात्मे और सुख समृद्धि की कामना की गई।
लोगों ने सुबह घरों में खिचड़ी और अन्य सामान दान कर पुण्य कमाया। इस के बाद कुल देवताओं को भी भोग लगाया। धार्मिक परंपरा को जीवित रखने के लोगों ने घरों समेत मंदिरों में कोविड नियमों का पालन करते हुए माथा टेका। बाजारों में भी काफी रौनक रही। पुरानी मंडी में रविंद्र जाम्वाल, स्वाति देवी, मंगल सिंह और पूर्णा देवी ने बताया कि नए साल का आगाज भी मक्र संक्रांति के दिन माना जाता है। बुजुर्गों से मंदिरों में जाने और खरीदारी की यह परंपरा काफी पुरानी है। शालामार रोड पर रेहड़ी पर कपड़े और बाकी चीजों की खरीदारी करते हुए सुनील कुमार, सुरेंद्र और बिपिन खजूरिया ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन चीजें खरीदना शुभ मानी जाती हैं। इसलिए संक्रांति के दिन बाजारों में भीड़ रहती है।
लेकिन कोरोना के चलते पहले जैसी भीड़ नहीं है। बिक्रम चौक स्थित मंदिर में माथा टेकने आए बीर सिंह और पत्नी मनिका शर्मा ने बताया कि देश में कोरोना कहर बरपा रहा है। इससे पहले भी कइयों ने अपनों को खोया है। इसलिए यही कामना है कि महामारी का जल्द खात्मा हो जाए।
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लोगों ने सुबह घरों में खिचड़ी और अन्य सामान दान कर पुण्य कमाया। इस के बाद कुल देवताओं को भी भोग लगाया। धार्मिक परंपरा को जीवित रखने के लोगों ने घरों समेत मंदिरों में कोविड नियमों का पालन करते हुए माथा टेका। बाजारों में भी काफी रौनक रही। पुरानी मंडी में रविंद्र जाम्वाल, स्वाति देवी, मंगल सिंह और पूर्णा देवी ने बताया कि नए साल का आगाज भी मक्र संक्रांति के दिन माना जाता है। बुजुर्गों से मंदिरों में जाने और खरीदारी की यह परंपरा काफी पुरानी है। शालामार रोड पर रेहड़ी पर कपड़े और बाकी चीजों की खरीदारी करते हुए सुनील कुमार, सुरेंद्र और बिपिन खजूरिया ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन चीजें खरीदना शुभ मानी जाती हैं। इसलिए संक्रांति के दिन बाजारों में भीड़ रहती है।
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लेकिन कोरोना के चलते पहले जैसी भीड़ नहीं है। बिक्रम चौक स्थित मंदिर में माथा टेकने आए बीर सिंह और पत्नी मनिका शर्मा ने बताया कि देश में कोरोना कहर बरपा रहा है। इससे पहले भी कइयों ने अपनों को खोया है। इसलिए यही कामना है कि महामारी का जल्द खात्मा हो जाए।
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