फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   cultural

हमें प्रेम से रहना चाहिए, जहां प्रेम हैं वहीं ईश्वर है

विज्ञापन
cultural
सूरज शास्त्री
ज्यौड़ियां। खौड़ के गांव खौड़ कैंप में चल रही भागवत सप्ताह कथा में रविवार को कथा वाचक सूरज शास्त्री ने कहा कि माता-पिता की सेवा में ही सब से बड़ी भक्ति है। उनका आभार हम लोग कभी भी नहीं चुका सकते हैं। उनकी खुशी में ही संतान की खुशी होनी चाहिए।
विज्ञापन

कथा वाचक ने कहा कि माता-पिता संतान की खुशी के लिए दिन रात मेहनत मजदूरी करते हैं। मां खुद गीले बिस्तर पर सोकर संतान को सूखी जगह पर सुलाती है। इसलिए माता पिता की सेवा करने से ही कई संकट नजदीक नहीं आते। उन्होंने कहा कि मांस और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके सेवन से सोचने की गति कम होती है। हमें आपस में प्रेम से रहना चाहिए, हमें कभी भी बच्चों के सामने भेदभाव की बातें नहीं करनी चाहिए। क्योंकि बच्चे के पहले गुरु माता पिता ही हैं।
विज्ञापन

हमें कुदरत के बनाए हर प्राणी से प्रेम करना चाहिए। कहा भी गया है प्रेम ईश्वर है और ईश्वर प्रेम है। जहां प्रेम है वहां प्रभु है। इसमें संदेह नहीं, अधिक से अधिक प्राणियों से प्रेम करें। प्रेम को सेवा में रूपांतरित कर दे और सेवा को पूजा में। यह सर्व श्रेष्ठ साधना है। कथा स्थल पर तिलक राज शर्मा, रविंद्र शर्मा तथा पार्षद दीपक सिंह मौजूद रहे। कथा सोमवार को समाप्त होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed