CRPF बना रही है कश्मीर के आतंकियों का डेटाबेस, हो सकती है बड़ी कार्रवाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घाटी में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में तेजी आई है। इन पर शिकंजा कसने के मकसद से नए बने आतंकियों का सीआरपीएफ की ओर से डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। पिछले 5-6 महीनों के भीतर जो युवा आतंकी बने हैं, उनकी प्रोफाइलिंग कर डाटा जुटाया जा रहा है, ताकि इनकी धरपकड़ और सफाये की रणनीति बनाई जा सके।
सीआरपीएफ प्रवक्ता राजेश यादव ने बताया कि इसके पीछे सोच यह है कि आतंकियों के विषय में पूरी जानकारी हो, ताकि उस अनुरूप रणनीति बनाई जा सके। गुमराह युवकों को मुख्यधारा में लाने में मदद मिल सके। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ों के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा होना चिंता का विषय बनती जा रही है।
गत वर्ष 8 जुलाई को हिज्ब आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद उत्पन्न कानून व्यवस्था की स्थिति के तहत अब लोग आतंकियों को मदद करने के उद्देश्य से मुठभेड़ स्थलों पर सुरक्षाबलों के खिलाफ मोर्चा संभाल रहे हैं।
हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 2800 जवान घायल
हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 2800 जवान घायल हो चुके हैं। इसके अलावा भीड़ में से आतंकियों द्वारा ग्रेनेड दागने या फायरिंग भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि घाटी में अब आतंकवाद रोधी अभियान में तेजी लाते हुए कार्रवाई की जा रही है। जो भी इनपुट आते हैं उनके लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सीआरपीएफ, आरआर और एसओजी द्वारा संयुक्त ऑपरेशन चालाया जाता है।