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चोपड़ा हत्याकांड: पूर्व एमएलसी को जमानत नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 20 Sep 2014 09:59 PM IST
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शहर के बहुचर्चित चोपड़ा हत्याकांड में ट्रायल का सामना कर रहे पूर्व एमएलसी त्रिलोचन सिंह वजीर उर्फ तल्लो की जमानत अर्जी प्रिंसिपल सेशन जज जम्मू राकेश सागर जैन ने खारिज कर दी। केस के अनुसार 18 सितंबर 2006 को पुलिस को सूचना मिली कि त्रिकुटा नगर सेक्टर तीन में कुछ लोगों ने राजिंदर भूषण चोपड़ा, उनकी पत्नी मधु चोपड़ा, बेटी सलोनी चोपड़ा, नौकर सोनू और ड्राइवर जगन की हत्या कर दी है।
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उनके हाथ-पांव रस्सी से बंधे हुए हैं तथा शव जमीन पर पड़े हैं। घर में चारों ओर खून फैला हुआ है। हत्यारे वारदात को अंजाम देने के बाद चोपड़ा की कार (जेके 02 एसी 0030) भी अपने साथ ले गए। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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छह साल की जांच के बाद पुलिस ने सुरिंदर सिंह नामक एक व्यक्ति के बयान दर्ज किए और उसके आधार पर त्रिलोचन सिंह वजीर को हत्या का षड्यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रिंसिपल सेशन जज ने पाया कि वजीर के खिलाफ इस जघन्य हत्याकांड का षड्यंत्र रचने का आरोप है।
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याचिकाकर्ता के वकील की दलील थी कि गवाहों के बयान में अभियोजन की दलीलों को बल नहीं मिला है। उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने और उसकी सराहना करने से निश्चित रूप से अभियोजन पक्ष के मामले पर प्रभाव पड़ेगा। आरोपी इस अपराध में दोषी है या नहीं, उस पर किसी तरह का विचार तय करना अदालत के लिए जल्दबाजी होगी।
अदालत ने पाया कि यदि आरोपी के खिलाफ आरोप साबित हो जाते हैं, तो यह केस की गंभीरता और सजा की डिग्री काफी ऊंची होगी। आरोपी पर आरोप है कि उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्याकांड की साजिश रची। इसके आधार पर ही पांच लोगों की हत्या की गई।
प्रिंसिपल सेशन जज ने कहा कि तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए ऐसे गंभीर मामले में आरोपी को जमानत प्रदान करने का कोई आधार नहीं बनता। इसलिए अदालत जमानत अर्जी को खारिज करती है।
जेएनएफ