{"_id":"6240a6f2018fab31327b5d2f","slug":"crime-rspura-news-jmu256593060","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी डिग्री, दस्तावेज मामले में वाहरी राज्यो के लोगो से जुडे है तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी डिग्री, दस्तावेज मामले में वाहरी राज्यो के लोगो से जुडे है तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरएस पुुरा। स्थानीय पुलिस द्वारा सनी कुमार निवासी नई बस्ती से शिकायत के आधार पर कार्रवाई कर रवि कुमार को हिरासत में लेने के बाद पूछताछ के बाद दूसरे राज्य के लोगों से फर्जी दस्तावेज बना कर बेचने के काम में उच्च पदों पर बैठे लोगों के साथ संबंध होने पर पुलिस की विशेष टीम जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस गोरखधंधे में दूसरे प्रदेश से भी तार जुड़े हो हैं।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को पुलिस ने दूसरे प्रदेश के विश्वविद्यालयों की फर्जी तरीके से डिग्री बनाने के मामले में एक को गिरफ्तार किया था। पुलिस इस मामले में यह पता लगा रही है कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी, शताब्दी शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर यूपी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, कर्नाटक विश्वविद्यालय, सीएसजेएम विश्वविद्यालय कानपुर, यूपी आदि से किस प्रकार रवि का संपर्क हुुआ और वह कौन लोग हैं जो ऑनलाइन बनाए प्रमाणपत्रों को असली बताया जाता था। 100 फर्जी डिग्रियां पुलिस द्वारा बरामद करने पर पुलिस इन सब बातों को ध्यान में रख रवि कुमार से पूछताछ कर रही है। पुलिस की ओर से ऐसे लोगों का भी पता लगाया जा रहा है, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज प्राप्त करने के उपरांत सरकारी व गैर सरकार नौकरियों के लिए आवेदन किया था।
गौरतलब है कि आरएस पुरा में पहले भी वाहनों की नकली आरसी बनाए जाने के साथ नकली करंसी का धंधा करने वालों को पकड़ा गया था।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि शनिवार को पुलिस ने दूसरे प्रदेश के विश्वविद्यालयों की फर्जी तरीके से डिग्री बनाने के मामले में एक को गिरफ्तार किया था। पुलिस इस मामले में यह पता लगा रही है कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी, शताब्दी शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर यूपी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, कर्नाटक विश्वविद्यालय, सीएसजेएम विश्वविद्यालय कानपुर, यूपी आदि से किस प्रकार रवि का संपर्क हुुआ और वह कौन लोग हैं जो ऑनलाइन बनाए प्रमाणपत्रों को असली बताया जाता था। 100 फर्जी डिग्रियां पुलिस द्वारा बरामद करने पर पुलिस इन सब बातों को ध्यान में रख रवि कुमार से पूछताछ कर रही है। पुलिस की ओर से ऐसे लोगों का भी पता लगाया जा रहा है, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज प्राप्त करने के उपरांत सरकारी व गैर सरकार नौकरियों के लिए आवेदन किया था।
विज्ञापन
गौरतलब है कि आरएस पुरा में पहले भी वाहनों की नकली आरसी बनाए जाने के साथ नकली करंसी का धंधा करने वालों को पकड़ा गया था।