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रिवाल्वर की गोली से जान नहीं गई तो बंदूक से दागीं गोलियां
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जम्मू। चौआदी में जीजा और उसके भाई की हत्या करने वाले आरोपी साले अरुण कुमार ने पूरी सोची समझी साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया। पहले उसने रिवाल्वर से गोली चलाई और इसके बाद 12 बोर की गन से। क्योंकि रिवाल्वर की गोली से जब दोनों की जान नहीं गई तो गन का इस्तेमाल किया। दरअसल, रिवाल्वर से चार फायर करने के बाद इसका ट्रिगर अटक गया तो अरुण ने गन निकाल कर इससे फायर किया।
अरुण का सैनिक कॉलोनी में सर्विस स्टेशन कम वर्कशॉप है। मंगलवार को जब उसे पता चला कि उसका जीजा अमित और जीजा का भाई रोहित तलाक के कागजों के साथ घर पर उसकी बहन के दस्तखत लेने के लिए आए हैं, तो वह आग बवूला हो गया।
उसने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर और गन अपनी पोलो कार में रखी हुई थी। वह अपनी कार लेकर सर्विस स्टेशन से निकला और घर पहुंच गया। घर के बाहर 100 मीटर की दूरी पर अरुण ने अपनी कार पार्क कर दी। सामने उसका जीजा अपनी बैगनार कर में बैठा हुआ था। अरुण ने अमित को कार में बैठे हुए ही रिवाल्वर से गोली मार दी। पहली गोली कार का शीशा तोड़कर अंदर जाकर अमित को लगी। इसके बाद अरुण ने फिर से अमित को सिर में गोली मारी। फायरिंग की आवाज सुनकर अमित का भाई रोहित जोकि ससुरालियों के घर अंदर गया हुआ था, वह भी बाहर आ गया। अरुण ने उस पर भी रिवाल्वर से गोली चलाई। पूरे कांड में जब रिवाल्वर का ट्रिगर अटक गया तो अरुण यही नहीं रुका। उसने अपनी गन भी कार से निकाली और इससे भी दोनों पर फायरिंग की। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी कार में फरार हो गया, लेकिन थोड़ी देर के बाद ही पुलिस ने उसे बाड़ी ब्राह्मणा क्षेत्र में गिरफ्तार कर लिया, जहां से वह पंजाब भाग रहा था। पुलिस ने रिवाल्वर, गन पोलो कार जब्त कर ली गई है।
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दो माह से मायके घर रह रही थी शीतल
जानकारी के अनुसार दो महीने से शीतल अपने मायके में रही थी, जिसकी एक बेटी भी है। आठ साल पहले शीतल की शादी हुई थी। मंगलवार को शीतल का पति अमित और उसका देवर रोहित दोनों तलाक के कागज लेकर पहुंचे थे। लेकिन घर के भीतर सिर्फ रोहित ही गया। रोहित ने अपनी भाभी के साथ बात की। करीब एक घंटे तक पुरानी बातों को लेकर बहस होती रही।
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रोपड़ में माइनिंग का काम करता था अमित
जानकारी के अनुसार अमित कुमार हरियाणा के रोपड़ में माइनिंग का काम करता है। कुछ दिन पहले ही वह अपने घर आया था, ताकि पत्नी को मनाकर घर ले जा सके। वह ससुराल के घर भी नहीं गया और अपने भाई को भेजा, ताकि अंदर जाकर उसकी अधिक बहस न हो जाए।
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बहन और अपना दोनों को घर उजाड़ दिया
हत्या को अंजाम देने वाले अरुण कुमार के घर पर उसकी मां, पिता, पत्नी एक बेटा और उसकी विवाहित बहन शीतल रहते हैं। पिछले दो महीने से शीतल का अपने परिवार के साथ विवाद चल रहा था। कई बार फोन पर बातचीत होती थी और बहसबाजी भी। लेकिन इस बार बहस इस तरह हत्याकांड पर पहुंच जाएगी, यह शायद शीतल और उसके परिवार ने नहीं सोचा था।
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पुलिस ने जांच के लिए जरूरी सबूत जुटाए
पुलिस ने घटनास्थल से चली हुई चार गोलियों के खाली खोके, 12 बोर की गन से निकले फायर के दो खोके और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। जिन जगहों पर खोके बरामद हुए, उनको पुलिस ने सर्किल लगाकर निशानदेही कर दी है, ताकि क्राइम सीन को दोबारा दोहराया जा सके और जांच के जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। पुलिस ने मौके पर खून के छींटों के सैंपल भी उठाए हैं। मृतकों के शव एक दूसरे से 50 मीटर की दूरी पर पड़े हुए थे। दोनों के सिर पर गोली लगी हुई है। शवों का पोस्टमार्टम के लिए जीएमसी के शवगृृह में रखा गया है।
तार-तार होते पारिवारिक रिश्ते, खत्म हो रही सहनशक्ति
- छह माह के भीतर पारिवारिक विवादों में एक दर्जन लोगों की हत्या
अजय मीनिया
जम्मू। पारिवारिक रिश्तों में मतभेद बड़े हत्याकांड में तब्दील हो रहे हैं, जो चिंता का विषय बन गए हैं। पिछले छह महीनों पर नजर दौड़ाई जाए तो पारिवारिक विवाद में बड़े हत्याकांड हुए हैं, जिसमें एक दर्जन भर लोगों की हत्या कर दी गई।
10 मार्च, 2021 को पुलिस कर्मी रविंदर कुमार ने फलां मंडाल क्षेत्र में अपनी पत्नी, सास और ससुर की गोली मार कर हत्या कर दी थी। पारिवारिक विवाद के चलते ऐसा किया गया। 10 अगस्त, 2021 को राजोरी में एक बहन ने अपने आशिक के साथ मिलकर अपने सगे भाई अंकुश की हत्या कर दी। यहां तक कि हत्या के वक्त बहन अपने आशिक के साथ मौजूद थी। 19 अगस्त, 2021 को एक पुलिस हेड कांस्टेबल ने अपने दामाद, दामाद की मां की तेजधार हथियारों के साथ हत्या कर दी। इस हत्याकांड में उसकी बेटी तक उसके साथ शामिल थी। किश्तवाड़ में एक पुलिस कर्मी ने अपने परिवार के साथ मिलकर तीन सितंबर को अपनी पत्नी की हत्या कर दी। रियासी में चार दिन पहले एक व्यक्ति ने अपने सगे भाई की हत्या कर दी। पिछले छह महीनों में देखा जाए तो पारिवारिक विवादों के में रिश्ते दम तोड़ रहे हैं। उक्त हत्याकांड इस बात के गवाह हैं कि लोग किस तरह से अपनी सहनशक्ति खो रहे हैं। मनो चिकित्सक विशेषज्ञ डॉ. जगदीश थापा का कहना है कि लोगों की सहनशक्ति कम हो रही है। जब परिवार में कोई विवाद हो तो कोशिश करें कि विवाद होने पर कुछ देर के लिए बात न करें। रिश्तों को सुधारने में थोड़ा समय दें और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग लें।
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दो भाइयों की मौत से गुड़ा बेलदारां में छाया मातम
हीरानगर। चौआदी में गोलीकांड में दो भाइयों की मौत के बाद हीरानगर के गुड़ा बेलदारां गांव में मातम छा गया। बता दें कि इस गोलीकांड में इस गांव के अमित कुमार और रोहित कुमार की मौत हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों भाई एक निजी कंपनी में काम करते थे, जिससे उनके घर का गुजारा चल रहा था। दोनों की मौत के बाद मां-बाप पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। लोगों ने बताया कि दोनों भाई पूरे गांव के लोगों के साथ मेल मिलाप रखते थे। पूर्व सरपंच सुदेश कुमार ने कहा कि बेहद दुखद घटना है। इससे पूरी पंचायत में मातम छाया हुआ है। दोनों भाइयों की मौत की खबर से लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। माता-पिता का रो रो कर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे क्या कारण हैं, उसके बारे में न तो यहां के लोगों को पता है और न ही उन्हें। लेकिन जो हुआ बेहद दुखद है। पंचायत के सभी प्रतिनिधि इस परिवार के साथ हैं। वहीं पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की।
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अरुण का सैनिक कॉलोनी में सर्विस स्टेशन कम वर्कशॉप है। मंगलवार को जब उसे पता चला कि उसका जीजा अमित और जीजा का भाई रोहित तलाक के कागजों के साथ घर पर उसकी बहन के दस्तखत लेने के लिए आए हैं, तो वह आग बवूला हो गया।
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उसने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर और गन अपनी पोलो कार में रखी हुई थी। वह अपनी कार लेकर सर्विस स्टेशन से निकला और घर पहुंच गया। घर के बाहर 100 मीटर की दूरी पर अरुण ने अपनी कार पार्क कर दी। सामने उसका जीजा अपनी बैगनार कर में बैठा हुआ था। अरुण ने अमित को कार में बैठे हुए ही रिवाल्वर से गोली मार दी। पहली गोली कार का शीशा तोड़कर अंदर जाकर अमित को लगी। इसके बाद अरुण ने फिर से अमित को सिर में गोली मारी। फायरिंग की आवाज सुनकर अमित का भाई रोहित जोकि ससुरालियों के घर अंदर गया हुआ था, वह भी बाहर आ गया। अरुण ने उस पर भी रिवाल्वर से गोली चलाई। पूरे कांड में जब रिवाल्वर का ट्रिगर अटक गया तो अरुण यही नहीं रुका। उसने अपनी गन भी कार से निकाली और इससे भी दोनों पर फायरिंग की। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी कार में फरार हो गया, लेकिन थोड़ी देर के बाद ही पुलिस ने उसे बाड़ी ब्राह्मणा क्षेत्र में गिरफ्तार कर लिया, जहां से वह पंजाब भाग रहा था। पुलिस ने रिवाल्वर, गन पोलो कार जब्त कर ली गई है।
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दो माह से मायके घर रह रही थी शीतल
जानकारी के अनुसार दो महीने से शीतल अपने मायके में रही थी, जिसकी एक बेटी भी है। आठ साल पहले शीतल की शादी हुई थी। मंगलवार को शीतल का पति अमित और उसका देवर रोहित दोनों तलाक के कागज लेकर पहुंचे थे। लेकिन घर के भीतर सिर्फ रोहित ही गया। रोहित ने अपनी भाभी के साथ बात की। करीब एक घंटे तक पुरानी बातों को लेकर बहस होती रही।
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रोपड़ में माइनिंग का काम करता था अमित
जानकारी के अनुसार अमित कुमार हरियाणा के रोपड़ में माइनिंग का काम करता है। कुछ दिन पहले ही वह अपने घर आया था, ताकि पत्नी को मनाकर घर ले जा सके। वह ससुराल के घर भी नहीं गया और अपने भाई को भेजा, ताकि अंदर जाकर उसकी अधिक बहस न हो जाए।
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बहन और अपना दोनों को घर उजाड़ दिया
हत्या को अंजाम देने वाले अरुण कुमार के घर पर उसकी मां, पिता, पत्नी एक बेटा और उसकी विवाहित बहन शीतल रहते हैं। पिछले दो महीने से शीतल का अपने परिवार के साथ विवाद चल रहा था। कई बार फोन पर बातचीत होती थी और बहसबाजी भी। लेकिन इस बार बहस इस तरह हत्याकांड पर पहुंच जाएगी, यह शायद शीतल और उसके परिवार ने नहीं सोचा था।
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पुलिस ने जांच के लिए जरूरी सबूत जुटाए
पुलिस ने घटनास्थल से चली हुई चार गोलियों के खाली खोके, 12 बोर की गन से निकले फायर के दो खोके और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। जिन जगहों पर खोके बरामद हुए, उनको पुलिस ने सर्किल लगाकर निशानदेही कर दी है, ताकि क्राइम सीन को दोबारा दोहराया जा सके और जांच के जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। पुलिस ने मौके पर खून के छींटों के सैंपल भी उठाए हैं। मृतकों के शव एक दूसरे से 50 मीटर की दूरी पर पड़े हुए थे। दोनों के सिर पर गोली लगी हुई है। शवों का पोस्टमार्टम के लिए जीएमसी के शवगृृह में रखा गया है।
तार-तार होते पारिवारिक रिश्ते, खत्म हो रही सहनशक्ति
- छह माह के भीतर पारिवारिक विवादों में एक दर्जन लोगों की हत्या
अजय मीनिया
जम्मू। पारिवारिक रिश्तों में मतभेद बड़े हत्याकांड में तब्दील हो रहे हैं, जो चिंता का विषय बन गए हैं। पिछले छह महीनों पर नजर दौड़ाई जाए तो पारिवारिक विवाद में बड़े हत्याकांड हुए हैं, जिसमें एक दर्जन भर लोगों की हत्या कर दी गई।
10 मार्च, 2021 को पुलिस कर्मी रविंदर कुमार ने फलां मंडाल क्षेत्र में अपनी पत्नी, सास और ससुर की गोली मार कर हत्या कर दी थी। पारिवारिक विवाद के चलते ऐसा किया गया। 10 अगस्त, 2021 को राजोरी में एक बहन ने अपने आशिक के साथ मिलकर अपने सगे भाई अंकुश की हत्या कर दी। यहां तक कि हत्या के वक्त बहन अपने आशिक के साथ मौजूद थी। 19 अगस्त, 2021 को एक पुलिस हेड कांस्टेबल ने अपने दामाद, दामाद की मां की तेजधार हथियारों के साथ हत्या कर दी। इस हत्याकांड में उसकी बेटी तक उसके साथ शामिल थी। किश्तवाड़ में एक पुलिस कर्मी ने अपने परिवार के साथ मिलकर तीन सितंबर को अपनी पत्नी की हत्या कर दी। रियासी में चार दिन पहले एक व्यक्ति ने अपने सगे भाई की हत्या कर दी। पिछले छह महीनों में देखा जाए तो पारिवारिक विवादों के में रिश्ते दम तोड़ रहे हैं। उक्त हत्याकांड इस बात के गवाह हैं कि लोग किस तरह से अपनी सहनशक्ति खो रहे हैं। मनो चिकित्सक विशेषज्ञ डॉ. जगदीश थापा का कहना है कि लोगों की सहनशक्ति कम हो रही है। जब परिवार में कोई विवाद हो तो कोशिश करें कि विवाद होने पर कुछ देर के लिए बात न करें। रिश्तों को सुधारने में थोड़ा समय दें और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग लें।
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दो भाइयों की मौत से गुड़ा बेलदारां में छाया मातम
हीरानगर। चौआदी में गोलीकांड में दो भाइयों की मौत के बाद हीरानगर के गुड़ा बेलदारां गांव में मातम छा गया। बता दें कि इस गोलीकांड में इस गांव के अमित कुमार और रोहित कुमार की मौत हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों भाई एक निजी कंपनी में काम करते थे, जिससे उनके घर का गुजारा चल रहा था। दोनों की मौत के बाद मां-बाप पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। लोगों ने बताया कि दोनों भाई पूरे गांव के लोगों के साथ मेल मिलाप रखते थे। पूर्व सरपंच सुदेश कुमार ने कहा कि बेहद दुखद घटना है। इससे पूरी पंचायत में मातम छाया हुआ है। दोनों भाइयों की मौत की खबर से लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। माता-पिता का रो रो कर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे क्या कारण हैं, उसके बारे में न तो यहां के लोगों को पता है और न ही उन्हें। लेकिन जो हुआ बेहद दुखद है। पंचायत के सभी प्रतिनिधि इस परिवार के साथ हैं। वहीं पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की।