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संदिग्ध परिस्थितियों में कैटरर लापता, तवी के चौथे पुल पर मिली स्कूटी
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जम्मू। शहर के सुभाष नगर का एक कैटरर संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। उसकी स्कूटी तवी नदी पर बने चौथे पुल भगवती नगर स्थित पानी की टंकी के पास मिली। पुलिस ने एसडीआरएफ टीम के साथ तवी नदी में भी तलाश की। साथ ही कई जगहों पर ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन देर रात तक कैटरर का कोई पता नहीं लग पाया था। रविवार को ही कैटरर की शादी की चौथी वर्षगांठ भी थी।
जानकारी के अनुसार सुभाष नगर जम्मू के रहने वाले कैटरर विशाल गांधी को रविवार को राजोरी के कालाकोट में एक कार्यक्रम में कैटरिंग करनी थी। विशाल के रिश्तेदारों का कहना है कि रविवार को सुबह 4 बजे वह घर से स्कूटी पर निकला था। सुबह 5.17 मिनट पर उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। अंतिम बार विशाल की पौनी चक इलाके में 5.12 मिनट पर एक व्यक्ति से बात हुई थी। जब इस व्यक्ति को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया, तो उसने बताया कि विशाल उसके पास से 10 हजार रुपये लेकर गया था। इसके बाद उसे कोई जानकारी नहीं। वहीं जब पुलिस विशाल को ढूंढते हुए निकली तो भगवती नगर चौथे पुल के पास स्कूटी मिली। स्कूटी के बीच विशाल का मोबाइल फोन भी पड़ा हुआ था। लेकिन सुबह से रात तक विशाल का कोई पता नहीं चला। विशाल का एक चार साल का बेटा भी है। पुलिस ने शक के तौर पर तवी नदी में एसडीआरएफ की मदद से तलाश करने का अभियान चलाया। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
पौनी चक से भगवती नगर स्कूटी कैसे पहुंची
विशाल की अंतिम लोकेशन रविवार सुबह 5.17 मिनट की है। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। लेकिन उसकी स्कूटी पौनी चक से करीब 7 किलोमीटर दूर भगवती नगर चौथे पुल पर मिली। मोबाइल फोन भी मिला। सवाल यह है कि पौनी चक से पुल तक स्कूटी कैसे पहुंची और किसने पहुंचाई।
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पैसों का लेनदेन
विशाल के रिश्तेदारों का कहना है कि जिस व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ा है, उसको सारी बात का पता है। लेकिन वह सही जवाब नहीं दे रहा और पुलिस को बहका रहा है। क्योंकि उक्त व्यक्ति के साथ विशाल का पैसों का लेनदेन भी है। वह सब कुछ जानता है, लेकिन मामले को भटका रहा है।
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जानकारी के अनुसार सुभाष नगर जम्मू के रहने वाले कैटरर विशाल गांधी को रविवार को राजोरी के कालाकोट में एक कार्यक्रम में कैटरिंग करनी थी। विशाल के रिश्तेदारों का कहना है कि रविवार को सुबह 4 बजे वह घर से स्कूटी पर निकला था। सुबह 5.17 मिनट पर उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। अंतिम बार विशाल की पौनी चक इलाके में 5.12 मिनट पर एक व्यक्ति से बात हुई थी। जब इस व्यक्ति को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया, तो उसने बताया कि विशाल उसके पास से 10 हजार रुपये लेकर गया था। इसके बाद उसे कोई जानकारी नहीं। वहीं जब पुलिस विशाल को ढूंढते हुए निकली तो भगवती नगर चौथे पुल के पास स्कूटी मिली। स्कूटी के बीच विशाल का मोबाइल फोन भी पड़ा हुआ था। लेकिन सुबह से रात तक विशाल का कोई पता नहीं चला। विशाल का एक चार साल का बेटा भी है। पुलिस ने शक के तौर पर तवी नदी में एसडीआरएफ की मदद से तलाश करने का अभियान चलाया। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
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पौनी चक से भगवती नगर स्कूटी कैसे पहुंची
विशाल की अंतिम लोकेशन रविवार सुबह 5.17 मिनट की है। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। लेकिन उसकी स्कूटी पौनी चक से करीब 7 किलोमीटर दूर भगवती नगर चौथे पुल पर मिली। मोबाइल फोन भी मिला। सवाल यह है कि पौनी चक से पुल तक स्कूटी कैसे पहुंची और किसने पहुंचाई।
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पैसों का लेनदेन
विशाल के रिश्तेदारों का कहना है कि जिस व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ा है, उसको सारी बात का पता है। लेकिन वह सही जवाब नहीं दे रहा और पुलिस को बहका रहा है। क्योंकि उक्त व्यक्ति के साथ विशाल का पैसों का लेनदेन भी है। वह सब कुछ जानता है, लेकिन मामले को भटका रहा है।