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गलत तरीके से लिया गया हिरासत में फिर मिला मुआवजा

Sun, 30 Aug 2015 10:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Sun, 30 Aug 2015 10:45 AM IST
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 court release order to give companion

बीएसएफ की हिरासत में 21 साल पहले एक युवक की कथित प्रताड़ना के दौरान आई चोट के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पांच लाख रुपये का मुआवजा पीड़ित को देने का आदेश दिया है।

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चीफ जस्टिस एनपॉल वसंथाकुमार और जस्टिस हसनैन मसूदी की डिवीजन बेंच ने अबीगुजर के मुहम्मद आमीन सोफी की सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ अपील की सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता को मुआवजा देने का निर्देश दिया।
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सोफी ने अपनी याचिका में कहा है कि उसे बीएसएफ ने 23 जून 1994 को नीलम चौक से गिरफ्तार किया था। उसने शिकायत की थी कि उसको बुरी तरह प्रताड़ित किया गया। इस दौरान उसके दाहिने पैर तथा कूल्हे की हड्डी टूट गई।
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इलाज पर उसके पांच लाख रुपये खर्च हुए। याचिका में उसने इस राशि को दिलाने की गुहार लगाई थी। सिंगल बेंच ने उसकी याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसने विवादित मुद्दे को उठाते हुए सहायता की मांग की है।

सोफी ने कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ डबल बेंच में अपील की, जिसमें श्रीनगर के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट तथा सेशन जज को मामले की जांच के आदेश दिए गए। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सोफी को पूर्व में भी चोट पहुंची थी जो 1994 के चोट से बिल्कुल अलग है।


इस पर कोर्ट ने मुख्य सचिव तथा डीजीपी को केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली सुरक्षा संबंधी व्यय से मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया। यह भी निर्देश दिया कि यदि फंड उपलब्ध न हो तो दोनों अधिकारी अपने संसाधनों से मुआवजा देने की व्यवस्था करें।

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