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2.13 करोड़ के फ्राड में अग्रिम गिरफ्तारी जमानत अर्जी खारिज
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जम्मू। बहुचर्चित 2.13 करोड़ फ्राड मामले के आरोपी कमल गुप्ता की अग्रिम जमानत अर्जी को जिला कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सोमवार को अतिरिक्त सेशन जज ताहिर खुर्शीद रैना ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कमल गुप्ता की अर्जी नामंजूर कर दी। कमल के खिलाफ क्राइम ब्रांच में केस चल रहा है।
क्राइम ब्रांच में केस के अनुसार केसी ह्युंडई के एमडी राजू चौधरी ने कंपनी में मैनेजर रहे कमल गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार कमल गुप्ता ने अपने सहयोगी रोहित पटेल और मसूद अहमद के साथ मिलकर 2.13 करोड़ रुपये का फ्राड किया है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि मामले में पैसों का आंकड़ा बढ़ सकता है, क्योंकि अभी आडिट प्रकिया जारी है। 2009 में यह कंपनी बनी थी और तब से इसमें काम करने वाले कमल गुप्ता बतौर अकाउंट मैनेजर थे। कमल ने इन लोगों के साथ मिलकर कंपनी को चूना लगाया। जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि आरोपी को जमानत देने का आधार नहीं बनता। जांच में पेश रिकार्ड कहता है कि आरोपी ने कंपनी का विश्वास तोड़ा है। इससे कंपनी को बड़ा नुकसान हुआ है। कंपनी ने आरोपी को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे रखी थी, जिसका उसने दुरुपयोग किया। आरोपी के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि उसे स्वतंत्र रहने और जीवन की रक्षा करने का अधिकार है। इस पर जज ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम केस का हवाला देते हुए कहा कि जमानत को नामंजूर कर देना किसी के अधिकार का बहिष्कार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का पैरा 67 कहता है कि कोर्ट पुख्ता आधार पर ही अग्रिम जमानत देती है। जेएनएफ
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शादी के झांसे पर दुष्कर्म
के आरोपी को जमानत नहीं
- कोर्ट ने कहा - बढ़ते जा रहे ऐसे अपराध
जम्मू।
तृतीय अतिरिक्त सेशन जज सुभाष गुप्ता ने दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। बिश्नाह के देयोली के रहने वाले नरिंदर कुमार पर दुष्कर्म का केस दर्ज है। आरोपी ने कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दायर की थी। सोमवार को मामले पर सुनवाई की गई।
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आरोप है कि नरिंदर ने पीड़ित से शादी करने का झांसा देकर उसके साथ कल्याणा गांव में दुष्कर्म किया। वह पीड़ित को अपनी आंटी के घर ले गया था। सुबह होते ही वहां से फरार हो गया। इसके बाद अरनिया पुलिस स्टेशन में इसे लेकर केस दर्ज कर लिया गया। कोर्ट ने महसूस किया कि महिलाओं के प्रति अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। चाहे वो दुष्कर्म के मामले हों या फिर छेड़छाड़ आदि के। आरोपी ने झूठा वादा करके लड़की से संबंध बनाया। इस तरह की कोई घटना होती है, तो लोगों को कोर्ट पर विश्वास होता है कि वहां पर इंसाफ मिलेगा। लिहाजा ऐसे मामले में नाइंसाफी नहीं होगी। इन दलीलों के मद्देनजर आरोपी की अर्जी को खारिज कर दिया गया। जेएनएफ
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क्राइम ब्रांच में केस के अनुसार केसी ह्युंडई के एमडी राजू चौधरी ने कंपनी में मैनेजर रहे कमल गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार कमल गुप्ता ने अपने सहयोगी रोहित पटेल और मसूद अहमद के साथ मिलकर 2.13 करोड़ रुपये का फ्राड किया है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि मामले में पैसों का आंकड़ा बढ़ सकता है, क्योंकि अभी आडिट प्रकिया जारी है। 2009 में यह कंपनी बनी थी और तब से इसमें काम करने वाले कमल गुप्ता बतौर अकाउंट मैनेजर थे। कमल ने इन लोगों के साथ मिलकर कंपनी को चूना लगाया। जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि आरोपी को जमानत देने का आधार नहीं बनता। जांच में पेश रिकार्ड कहता है कि आरोपी ने कंपनी का विश्वास तोड़ा है। इससे कंपनी को बड़ा नुकसान हुआ है। कंपनी ने आरोपी को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे रखी थी, जिसका उसने दुरुपयोग किया। आरोपी के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि उसे स्वतंत्र रहने और जीवन की रक्षा करने का अधिकार है। इस पर जज ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम केस का हवाला देते हुए कहा कि जमानत को नामंजूर कर देना किसी के अधिकार का बहिष्कार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का पैरा 67 कहता है कि कोर्ट पुख्ता आधार पर ही अग्रिम जमानत देती है। जेएनएफ
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शादी के झांसे पर दुष्कर्म
के आरोपी को जमानत नहीं
- कोर्ट ने कहा - बढ़ते जा रहे ऐसे अपराध
जम्मू।
तृतीय अतिरिक्त सेशन जज सुभाष गुप्ता ने दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। बिश्नाह के देयोली के रहने वाले नरिंदर कुमार पर दुष्कर्म का केस दर्ज है। आरोपी ने कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दायर की थी। सोमवार को मामले पर सुनवाई की गई।
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आरोप है कि नरिंदर ने पीड़ित से शादी करने का झांसा देकर उसके साथ कल्याणा गांव में दुष्कर्म किया। वह पीड़ित को अपनी आंटी के घर ले गया था। सुबह होते ही वहां से फरार हो गया। इसके बाद अरनिया पुलिस स्टेशन में इसे लेकर केस दर्ज कर लिया गया। कोर्ट ने महसूस किया कि महिलाओं के प्रति अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। चाहे वो दुष्कर्म के मामले हों या फिर छेड़छाड़ आदि के। आरोपी ने झूठा वादा करके लड़की से संबंध बनाया। इस तरह की कोई घटना होती है, तो लोगों को कोर्ट पर विश्वास होता है कि वहां पर इंसाफ मिलेगा। लिहाजा ऐसे मामले में नाइंसाफी नहीं होगी। इन दलीलों के मद्देनजर आरोपी की अर्जी को खारिज कर दिया गया। जेएनएफ