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Jammu News: 1.26 करोड़ की धोखाधड़ी में जेके बैंक के सहायक प्रबंधक की अग्रिम जमानत रद्द

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर बैंक पौनी शाखा में निष्क्रिय बैंक खातों से 1.26 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी के मामले में तत्कालीन सहायक प्रबंधक इशविंदर सिंह रनियाल की अग्रिम जमानत की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। यह फैसला प्रधान सत्र न्यायाधीश रियासी सोनिया गुप्ता ने मंगलवार को सुनवाई के करते हुए सुनाया।
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इस मामले में केंद्र शासित प्रदेश के लिए लोक अभियोजन (पीपी) राजीव कुमार को सुनने के बाद प्रधान सत्र न्यायाधीश ने कहा कि आर्थिक अपराधों को गंभीर माना जाता है, क्योंकि वे देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं। सार्वजनिक धन को हानि से जुड़ी गहरी साजिश वाले ऐसे अपराधों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इस तरह के अपराध पूरी तरह से गणना और विचार-विमर्श के साथ किए जाते हैं। समाज पर इसके परिणामों की परवाह किए बिना पूरी तरह से व्यक्तिगत लाभ को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं। इन टिप्पणियों के साथ न्यायालय ने याचिकाकर्ता के जमानत के आवेदन खारिज कर दिया है। जेएनएफ
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धोखाधड़ी के मामले में शामिल
पूर्व पार्षद की अग्रिम जमानत रद्द

जम्मू। धोखाधड़ी के एक मामले में शामिल पूर्व नगर पार्षद आशिक हुसैन गनई की अग्रिम जमानत याचिका को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की श्रीनगर विंग के न्यायाधीश रजनेश ओसवाल ने रद्द कर दिया है। शिकायतकर्ता ने आवेदक और अन्य के खिलाफ बारामुला के एसएसपी के समक्ष एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि उसका भाई सैन्य जवान की हत्या के एक मामले में जगादरी हरियाणा जेल में बंद था। तीन व्यक्तियों आवेदक मंजूर अहमद भट और आशिक हुसैन लोन ने राजनीतिक और नौकरशाही प्रभाव होने का दावा करते हुए शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया कि वे उसके भाई की रिहाई करवा सकते हैं। इसके लिए 5.50 लाख रुपये की राशि की मांग की। आरोपी के आश्वासन पर विश्वास करते हुए शिकायतकर्ता ने तीन लाख रुपये का भुगतान किया। उमर गनई को एक लाख रुपये और शेष 1.50 लाख रुपये नकद में आरोपियों को सौंप दिए गए। लेकिन भुगतान के बावजूद आरोपी व्यक्ति उसके भाई को रिहा करने में विफल रहे और एक लाख रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की, जिसे शिकायतकर्ता ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। मामले की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने अग्रिम जमानत याचिका को रद्द कर दिया। जेएनएफ
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