{"_id":"5fd0b2c86825be1e684fda7c","slug":"court-angry-over-selective-action-in-roshni-case-cbi-summons-atr","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोशनी केस में चुनिंदा पर कार्रवाई से कोर्ट नाराज, सीबीआई से एटीआर तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोशनी केस में चुनिंदा पर कार्रवाई से कोर्ट नाराज, सीबीआई से एटीआर तलब
Wed, 09 Dec 2020 04:49 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 09 Dec 2020 04:49 PM IST
विज्ञापन
jammu court
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोशनी मामले में चुनिंदा लोगाें को निशाना बनाए जाने के आरोपों का जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। नाराजगी व्यक्त करते हुए कोर्ट ने कहा कि रोशनी पर फैसले में लोगाें को अनावश्यक निशाने पर लेने की कहीं कोई मंशा नहीं रही है। हर हाल में जांच पूरी तरह से निष्पक्ष होनी चाहिए। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) को सीलबंद लिफाफे में एक्शन टेकन रिपोर्ट देने के आदेश दिए।
विज्ञापन
वहीं मंगलवार को प्रदेश सरकार की ओर से पुनर्विचार याचिका की सुनवाई को 16 दिसंबर की बजाय थोड़ा जल्दी करने के लिए एक और याचिका दायर की गई। इस पर कोर्ट ने पूछा - आखिर इतनी जल्दी क्यों है। सरकार का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका की सुनवाई के लिए 16 की जगह 11 दिसंबर की तारीख तय कर दी। कोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता असीम साहनी ने कहा कि गरीब किसानों को भू माफिया से अलग रखकर देखने की जरूरत है। सरकार अदालत से इसकी जल्द अनुमति चाहती है।
विज्ञापन
साहनी ने रोशनी मामलों की सीबीआई जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीबीआई ने अपनी जांच को पूरी तरह से केवल पहले से दर्ज एफआईआर पर केंद्रित कर दिया है। जबकि इन मामलों की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से की जा चुकी है। नए सिरे से जांच किए जाने का असर प्रदेश सरकार के अफसरों पर पड़ रहा है। इससे प्रशासन का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। यदि जांच इसी तरह से आगे बढ़ी तो पहले से जो पहलु कवर हो चुके हैं, वे और उलझ जाएंगे।
विज्ञापन