फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   corona virus

कोरोना को लेकर श्रीनगर निगम और प्रशासन में ठनी

विज्ञापन
corona virus
श्रीनगर। कोरोना वायरस के मद्देनजर श्रीनगर म्युनिसिपल कार्पोरेशन (एसएमसी) के मेयर जुनैद अजीम मट्टू ने बुधवार को एक ट्वीट कर घाटी में सभी शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक क्लबों, स्पोर्ट्स क्लबों, इनडोर और ओपन स्टेडियम को बंद करने के निर्देश दिए हैं। कार्पोरेशन की सीमाओं के भीतर ये आदेश वीरवार से प्रभावी हो जाएंगे।
विज्ञापन

इधर मेयर के ट्वीट के बाद सियासत भी शुरू हो गई। नए आदेशों को लेकर एसएमसी और कश्मीर के विभागीय प्रशासन में ठन सी गई है। जब इस संबंध में डिवीजनल कमिश्नर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेयर केवल सलाह दे सकते हैं। उनकी ओर से हमारे पास एक पत्र आया है, हम उस पर गौर करेंगे।
विज्ञापन

असमंजस भरे माहौल के बीच मेयर मट्टू ने प्रैस कान्फ्रेंस बुलाई। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों में अहंकार को एक तरफ रखने की ज़रूरत है क्योंकि ये फैसला लोगों की भलाई के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि करीब 10 वर्षों के बाद यहां पर अर्बन लोकल बॉडीज (यूएलबी) का गठन हुआ है, शायद इसलिए ही उनके पास इस बात का ज्ञान नहीं है। उन्होंने साफ किया कि म्यूनिसिपल एक्ट 2000 के तहत अधिनियम 285 के अनुसार हमारे पास ऐसा निर्देश देने का अधिकार है। अगर निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो कानून का सहारा लेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले को आईआरसी की धारा 183 के तहत जेल भी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-बैठक में सभी ने जताई सहमति
जुनैद ने कहा कि कहा कि इस फैसले को लेकर हमने बैठक बुलाई थी। उसमें सभी ने सहमति दी है। इतना ही नहीं हमने एसएमसी के हेल्थ अफसर से भी सलाह ली। उन्होंने ने भी यही सलाह दी है। जुनैद के मुताबिक ये निर्देश फिलहाल कुछ दिन के लिए ही हैं ताकि इस दौरान हम स्कूलों, मस्जिदों आदि को सैनीटाइज़ कर सकें। 1000 बॉडी सूट और स्प्रे मशीनें मंगवाई गई हैं। एसएमसी की तरफ से सैनीटाइजेशन के लिए 200 टीमें भी गठित की गई हैं। भारी मात्रा में केमिकल भी मंगवाया जा रहा है। उन्होंने अस्पतालों और प्राइवेट क्लीनिकों को भी सैनीटाइज़ करने की अपील की। कहा कि वह चीफ जस्टिस से भी अपील करेंगे कि अदालतों में काफी भीड़ होती है। इसलिए गंभीर मामलों की सुनवाई की जो और जो टाले जा सकते हैं, उन्हें टाला जाए।

- एक महीने से चल रही थीं बैठकें
एसएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि विभागीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी केवल बंद कमरों में बैठकें कर रहे हैं। यह सिलसिला करीब एक महीने से जारी है लेकिन जमीनी स्तर पर किसी ने कोई पहल नहीं की है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि एसएमसी के कर्मचारी सबसे ज़्यादा जमीनी स्तर पर काम करते हैं और उनमें जल्द बीमार होने का खतरा रहता है। अभी तक किसी ने हमसे यह तक नहीं पूछा कि क्या आपके पास अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए मास्क व आदि चीज़ें हैं जिससे बचाव हो सके। बता दें कि घाटी में करीब 7 महीने बाद स्कूल खुले थे लेकिन कोरोना वायरस के खतरे से एक बार फिर से बच्चों की पढ़ाई पर संकट के बादल मंडराना शुरू हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed