कांग्रेस ने दिए पीडीपी से गठबंधन के संकेत
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चुनाव नतीजे आने से ऐन पहले नई सरकार के लिए सियासी गठबंधन की पहल शुरू हो गई है। कांग्रेस ने पीडीपी से गठबंधन के संकेत दिए हैं। हालांकि, पीडीपी इस मुद्दे पर जल्दबाजी नहीं करना चाहती। यही कारण है कि पीडीपी ने सरकार चलाने के लिए भाजपा के सहयोग की भी जरूरत बताई है।
नेशनल कांफ्रेंस ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं। मिशन 44 प्लस के लिए जीतोड़ मेहनत कर चुकी भाजपा को छोटे दलों के सहयोग से सरकार बनाने का भरोसा है। सियासी हलचल तेज है। दलों के मध्यस्थों की सक्रियता बढ़ गई है।
चुनाव नतीजों के इंतजार में रतजगा करने वाले प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हैं। एग्जिट पोल के अनुमानों को कोई दल पूरी तरह स्वीकार नहीं कर रहा है। लेकिन, भावी गठबंधन के लिए नए समीकरणों का तानाबाना इन अनुमानों पर ही आधारित है।
नेकां अभी नहीं खोलना चाहती पत्ते
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला गठबंधन पर सीधी बातचीत से बच रहे हैं। लेकिन, उमर ने कांग्रेस के साथ नहीं जाने के संकेत दिए हैं। भाजपा के बारे में उनमें कुछ संकोच दिखता है। ऐसे में नेकां आंकड़ों के गणित के मद्देनजर ही फैसला लेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी चुनावी रैलियों में जम्मू कश्मीर की सियासत में कांग्रेस को घुसपैठिया कहा था। उनका कहना था कि कांग्रेस हर सरकार में पीछे से आकर घुस जाती है। नये समीकरणों में इसके आसार फिर से बढ़ गए हैं। पीडीपी के सबसे बड़े दल के रूप में उभरने की स्थिति में कांग्रेस उसका सहयोगी बनना चाहती है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज ने अमर उजाला से बातचीत में इसके संकेत दिए। सोज ने कहा कि कांग्रेस धर्मनिरपेक्ष गठबंधन के पक्ष में है। हालांकि, एग्जिट पोल को सोज ने खारिज किया। सोज ने कहा कि कांग्रेस का कश्मीर और लद्दाख में अच्छा प्रदर्शन होगा।
बकौल सोज उनकी सीटें पिछले चुनाव से बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बिना रियासत में कोई सरकार नहीं बन सकती। सोज ने माना कि पीडीपी का प्रदर्शन अच्छा रहने वाला है। ऐसे में धर्मनिरपेक्ष गठबंधन की पहल हो सकती है।
पीडीपी को पूर्ण बहुमत मिलने की उम्मीद
पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर का कहना है कि उन्हें पूर्ण बहुमत मिलने की उम्मीद है। ऐसे में सरकार बनाने में किसी दल की जरूरत नहीं होगी, लेकिन, सरकार चलाने में भाजपा का सहयोग भी जरूरी होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर के विकास पर सकारात्मक सोच प्रकट की है।
मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नीतियों को आगे बढ़ाने का भी वादा किया है। रियासत सरकार को केंद्र के सहयोग की जरूरत होगी। इसलिए भाजपा का साथ इस संदर्भ में जरूरी होगा।
उधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि उनका पार्टी मिशन 44 प्लस का लक्ष्य हासिल कर लेगी। कुछ सीटें कम रहतीं हैं तो कश्मीर के छोटे दलों का साथ लिया जा सकता है। इस बार वोट परिवर्तन के लिए हुआ है।