एक घंटे के छुट्टी के लिए इतनी बड़ी सजा
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रियासत के सबसे बड़े जीएमसी अस्पताल में सोमवार की दोपहर उस वक्त हंगामा मच गया, जब एक नर्स के तबादले के विरोध में नर्सों ने काम छोड़कर अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया।
इससे थोड़े समय के लिए अफरा-तफरी मची रही। बाद में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने दोनों पक्षों को बुलाकर बैठक की। मामले की जांच के लिए कमेटी बैठा दी गई है। फिलहाल नर्स का तबादला रोक दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार दो दिन पहले नर्सों की मेटरन ने एक नर्स सुरिंदर कौर का ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में तबादला करवा दिया।
एक घंटे की छुट्टी पर हुआ बवाल
नर्स का कहना है कि उसने एक घंटे की छुट्टी सीएमओ से ली थी। इस पर मेटरन ने उसके खिलाफ अपशब्दों का उपयोग किया और शिकायत कर तबादला करवा दिया।
इसकी सूचना नर्स ने जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रेसीडेंट प्रदीप शर्मा को दी। इसके बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में नर्सें काम छोड़कर सुपरिंटेंडेंट के कार्यालय के पास जमा हो गईं और हंगामा करने लगीं।
बाद में सुपरिंटेंडेंट ने दोनों पक्षों को बुलाकर बैठक की। एसोसिएशन के अनुसार उनकी मांग पर अस्पताल सुपरिंटेंडेंट ने नर्स के तबादले आदेश को वापस ले लिया और मामले की जांच के लिए कमेटी बैठा दी।
रात ड्यूटी में पिक एंड चूज पालिसी का विरोध
एसोसिएशन का आरोप है कि नर्स ने रात ड्यूटी में पिक एंड चूज पालिसी का विरोध किया था, जिसके कारण योजना के तहत उसका तबादला सीडी अस्पताल करवा दिया गया।
दूसरे पक्ष का कहना है कि नर्स से जब मेटरन ने छुट्टी के संबंध में पूछा तो उसने सीएमओ से ली गई छुट्टी के कागज को ही मेटरन के ऊपर फेंक दिया, जो अनुशासनहीनता है। बहरहाल इस सारे हंगामे के दौरान थोड़ी देर के लिए अस्पताल में अव्यवस्था फैल गई।
दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। इसकी रिपोर्ट चार दिन के अंदर आएगी।