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शिक्षण संस्थानों की फीस निर्धारण को कमेटी गठित
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 05 Sep 2015 11:21 PM IST
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निजी शिक्षण संस्थानों में फीस को निर्धारित करने के लिए सरकार ने कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी का कार्यालय श्रीनगर में खोला गया है। सचिवालय के कैलेंडर के अनुसार यह कार्यालय काम करेगा। निजी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों से वसूली जाने वाली फीस पर पैनी नजर सरकार की रहेगी। सरकार ने स्कूल बसों को भी नियमों के अनुसार चलाने को कहा है।
प्राइवेट स्कूलों सहित कई निजी शिक्षण संस्थानों पर आए दिन मनमानी फीस वसूलने के आरोप लगते रहते हैं। शिक्षा का नया सत्र शुरू होने पर अभिभावकों को फीस में बढ़ोतरी किए जाने पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वहीं कई बार अभिभावक इसके विरोध में सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन भी करते हैं। इसी में सुधार को लेकर कमेटी का गठन किया गया है। गठित की गई कमेटी ने कश्मीर और जम्मू संभाग के निजी शिक्षण संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक बैठक करके जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं।
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शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश
शिक्षा मंत्री ने प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि सभी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार स्कूल बसों को चलाए। बसों में पीला पेंट किया होना चाहिए, बस में साफ शब्दों में स्कूल बस लिखा होना चाहिए, बस में फर्स्ट एड बाक्स होना चाहिए, बस में स्पीड गवर्नर की सुविधा होनी चाहिए, बस की खिड़कियों में ग्रिलें लगी होनी चाहिएं। बस के चालक को बस को चलाने का पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
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प्राइवेट स्कूलों सहित कई निजी शिक्षण संस्थानों पर आए दिन मनमानी फीस वसूलने के आरोप लगते रहते हैं। शिक्षा का नया सत्र शुरू होने पर अभिभावकों को फीस में बढ़ोतरी किए जाने पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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वहीं कई बार अभिभावक इसके विरोध में सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन भी करते हैं। इसी में सुधार को लेकर कमेटी का गठन किया गया है। गठित की गई कमेटी ने कश्मीर और जम्मू संभाग के निजी शिक्षण संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक बैठक करके जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं।
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शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश
शिक्षा मंत्री ने प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि सभी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार स्कूल बसों को चलाए। बसों में पीला पेंट किया होना चाहिए, बस में साफ शब्दों में स्कूल बस लिखा होना चाहिए, बस में फर्स्ट एड बाक्स होना चाहिए, बस में स्पीड गवर्नर की सुविधा होनी चाहिए, बस की खिड़कियों में ग्रिलें लगी होनी चाहिएं। बस के चालक को बस को चलाने का पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए।