पीएम मोदी के आह्वान के बाद कैशलेस होंगे जम्मू कश्मीर के कॉलेज
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जम्मू कश्मीर के उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव डॉ. असगर हसन सामून ने कहा कि राज्य के कालेज कैंपसों को जल्द कैशलेस बनाकर विद्यार्थियों को डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सेलुलर आपरेटरों के साथ वाईफाई सेवा के माध्यम से कैशलेस प्रक्रिया पर काम अंतिम चरण में है।
शनिवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सामून ने कैशलेस प्रक्रिया के लिए कई दिशा निर्देश जारी किए। आयुक्त सचिव ने कहा कि कैशलेस कैंपस प्रोजेक्ट के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंप्यूटर प्रोफेेेसरों की कमेटी गठित की जाए जो एनआईईएलटी के विशेषज्ञों से ओरियंटेशन कोर्स करके कालेजों में कंप्यूटर साक्षरता को बढ़ावा देने पर काम करें।
इसके लिए जम्मू संभाग के कालेज प्रिंसिपलों के लिए कंप्यूटर साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया जाए। इसी तरह कश्मीर के प्रिंसिपलों के लिए भी कार्यक्रम हो।
यूजीसी के नियमानुसार गठित हो सेल
डॉ. असगर ने जम्मू और कश्मीर संभाग में कालेजों में निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा करते हुए जेकेपीसीसी और आरएंडबी विभाग से कालेज प्रोजेक्टों को समय पर मुकम्मल करने को कहा। कहा कि प्रिंसिपल, प्रोफेसरों के एपीआईएस समय पर जमा करवाएं।
उन्होंने सहायक और एसोसिएट प्रोफेसरों की प्लेसमेंट के लिए यूजीसी गाइड लाइन के तहत स्टेट क्वालिटी एश्योरेंस सेल का गठन करने के निर्देश दिए। कहा कि यूजीसी के नियमों के तहत कालेजों में इंटरनल क्वालिटी कंट्रोल एश्योरेंस सेल का गठन किया जाए। प्रिंसिपल सहायक और एसोसिएट प्रोफेसरों की वार्षिक एपीआई स्कोर रिपोर्ट भी पेश करने को कहा।