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गांव का रास्ता बंद करने पर भड़के नोग्राम के लोग
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बिश्नाह। क्षेत्र के नोग्राम गांव को जोड़ने वाले 70 वर्ष पुराने मार्ग को रिंग रोड अथॉरिटी ने बंद कर दिया है। इस पर ग्रामीणों ने आक्रोश प्रकट किया है। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे दीपक पादा ने बताया कि गांव का एकमात्र लिंक मार्ग है, जो गांव को शहर से जोड़ता है। रिंगरोड अथॉरिटी ने उक्त रास्ते को बंद करके रिंगरोड निकाल दी है। जिसकी वजह से गांव क्षेत्र से कटकर रह गया है।
गांव के लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि रिंगरोड अथॉरिटी से कहना चाहते हैं कि हमारे गांव में प्रवेश का जो एकमात्र रास्ता था, वह बंद कर दिया गया। ऐसे में अस्पताल, राशन डिपो के अलावा अन्य जगहों से आने व जाने वालों का संपर्क मार्ग कट गया है। इससे आवागमन कैसे होगा। सड़क के बंद होने से अब पांच मिनट का रास्ता 50 मिनट में तय करना पड़ेगा, मगर हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं सुभाषचंद्र ने कहा कि जब से हमारे गांव की नींव पड़ी थी, तब से यह रास्ता है। अब अचानक सड़क को बंद कर दिया गया, यह कौन सा न्याय है। इस मसले पर कोई भी बोलने को राजी नहीं है। हम जिलाधीश और उपराज्यपाल को बताना चाहते हैं कि यहां जमीनी हकीकत को समझें और लोगों की परेशानियों को देखते हुए गांव का जो मुख्य मार्ग है। उसे जिंदा रखने के लिए कोई प्रयास किया जाए। नहीं तो हमें खुद ही कोई ऐसा कदम उठाना पड़ेगा, जिसकी वजह से प्रशासन को बाद में पछताना पड़ेगा। इस मौके पर स्वर्ण सिंह, रमन कुमार, दीपक कुमार आदि रहे।
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गांव के लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि रिंगरोड अथॉरिटी से कहना चाहते हैं कि हमारे गांव में प्रवेश का जो एकमात्र रास्ता था, वह बंद कर दिया गया। ऐसे में अस्पताल, राशन डिपो के अलावा अन्य जगहों से आने व जाने वालों का संपर्क मार्ग कट गया है। इससे आवागमन कैसे होगा। सड़क के बंद होने से अब पांच मिनट का रास्ता 50 मिनट में तय करना पड़ेगा, मगर हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं सुभाषचंद्र ने कहा कि जब से हमारे गांव की नींव पड़ी थी, तब से यह रास्ता है। अब अचानक सड़क को बंद कर दिया गया, यह कौन सा न्याय है। इस मसले पर कोई भी बोलने को राजी नहीं है। हम जिलाधीश और उपराज्यपाल को बताना चाहते हैं कि यहां जमीनी हकीकत को समझें और लोगों की परेशानियों को देखते हुए गांव का जो मुख्य मार्ग है। उसे जिंदा रखने के लिए कोई प्रयास किया जाए। नहीं तो हमें खुद ही कोई ऐसा कदम उठाना पड़ेगा, जिसकी वजह से प्रशासन को बाद में पछताना पड़ेगा। इस मौके पर स्वर्ण सिंह, रमन कुमार, दीपक कुमार आदि रहे।
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