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पुराने शहर में मकान की दीवार ढही, बाल-बाल बचे लोग
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जम्मू। वार्ड नंबर दो स्थित जुलाका मोहल्ले में एक जर्जर मकान की दीवार ढह गई। इस दौरान जेएमसी के कर्मचारी बाल-बाल बचे। उक्त मकान में 11 किरायेदार रह रहे थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार जुलाका मोहल्ला में एक मकान काफी दिनों से जर्जर हालत में था। शुक्रवार सुबह पांच बजे के करीब उसकी दीवार झुक गई। इसकी जानकारी पार्षद जगदीश शर्मा को दी गई। इसके बाद स्थानीय लोग और जेएमसी के कर्मचारी भी पहुंचे।
उन्होंने मकान में रह रहे 11 किरायेदारों को बाहर निकाला। इसके बाद इनके सामान को निकाला गया। जेएमसी की टीम सात बजे मौके पर पहुंची। टीम ने तर्क दिया कि पहले प्रस्ताव तैयार करना होगा। मंजूरी के बाद मकान को ढहाया जाएगा। जैसे ही टीम बाहर आई, तो अचानक दीवार गिर गई। वहीं मलबा रास्ते पर आ गिरा। इससे अफरा तफरी की स्थिति बन गई।
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बताया जा रहा है कि हाल ही में हुई बारिश के कारण छत टपक रही थी। दीवारों में पानी का रिसाव हुआ था। इसमें नहीं रहने की हिदायत दी गई थी। इसके बावजूद मकान को किराये पर दिया था। शुक्रवार को दोपहर तक रास्ते से मलबा हटाने पर काम जारी था। भवन की दूसरी मंजिल का स्लैब भी लटक गया है, जो कभी भी ढह सकता है। यहां रास्ता भी बंद किया गया है।
इससे पहले वार्ड नंबर 4 में मकान ढहा था। पुराने शहर में लंबे समय से घरों की मरम्मत नहीं हो पाई है। बारिश होने पर घरों के ढहने का खतरा बन गया है। आयुक्त अवनी लवासा ने कहा कि मकान की दीवार ढही है। सामान और लोगों को सकुशल निकाल लिया गया है। रास्ते में बिखरे मलबे को हटाया जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार जुलाका मोहल्ला में एक मकान काफी दिनों से जर्जर हालत में था। शुक्रवार सुबह पांच बजे के करीब उसकी दीवार झुक गई। इसकी जानकारी पार्षद जगदीश शर्मा को दी गई। इसके बाद स्थानीय लोग और जेएमसी के कर्मचारी भी पहुंचे।
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उन्होंने मकान में रह रहे 11 किरायेदारों को बाहर निकाला। इसके बाद इनके सामान को निकाला गया। जेएमसी की टीम सात बजे मौके पर पहुंची। टीम ने तर्क दिया कि पहले प्रस्ताव तैयार करना होगा। मंजूरी के बाद मकान को ढहाया जाएगा। जैसे ही टीम बाहर आई, तो अचानक दीवार गिर गई। वहीं मलबा रास्ते पर आ गिरा। इससे अफरा तफरी की स्थिति बन गई।
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बताया जा रहा है कि हाल ही में हुई बारिश के कारण छत टपक रही थी। दीवारों में पानी का रिसाव हुआ था। इसमें नहीं रहने की हिदायत दी गई थी। इसके बावजूद मकान को किराये पर दिया था। शुक्रवार को दोपहर तक रास्ते से मलबा हटाने पर काम जारी था। भवन की दूसरी मंजिल का स्लैब भी लटक गया है, जो कभी भी ढह सकता है। यहां रास्ता भी बंद किया गया है।
इससे पहले वार्ड नंबर 4 में मकान ढहा था। पुराने शहर में लंबे समय से घरों की मरम्मत नहीं हो पाई है। बारिश होने पर घरों के ढहने का खतरा बन गया है। आयुक्त अवनी लवासा ने कहा कि मकान की दीवार ढही है। सामान और लोगों को सकुशल निकाल लिया गया है। रास्ते में बिखरे मलबे को हटाया जा रहा है।