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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Changes in Industrial Policy to be notified after passing Budget: Dr Drabu

उद्योग नीति में बदलाव बजट पारित होने के बाद अलग से अधिसूचना होगी जारी: द्राबू

Fri, 17 Jun 2016 01:48 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Fri, 17 Jun 2016 01:48 PM IST
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Changes in Industrial Policy to be notified after passing Budget: Dr Drabu
- फोटो : PTI

रियासत के वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू ने कहा है कि उद्योग नीति में बदलाव बजट पारित होने के बाद अधिसूचित किए जाएंगे। बजट भाषण के सभी बदलावों खासकर राज्यपाल शासन के दौरान मंजूर उद्योग नीति की धारा 21.2 में संशोधन को अधिसूचित करने के लिए एसआरओ जारी किया जाएगा। 

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विधानसभा में वित्त मंत्री ने कहा कि किसी को भी यह संदेह नहीं होना चाहिए कि नई उद्योग नीति से राज्य के विशेष दर्जे को कोई खतरा है। राज्यपाल के अभिभाषण तथा बजट भाषण दोनों में ही इसे दोहराया गया है कि सभी नीतियां, औद्योगिक और अन्य जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे  के अनुरूप होंगी। 
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उन्होंने कहा कि उद्योग नीति को मौजूदा प्रशासनिक तरीकों, नियमों तथा राज्य के संविधान के संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार लागू किया जाएगा। गैर स्टेट सब्जेक्ट वालों को नए औद्योगिक क्षेत्र में जगह आवंटित करने संबंधी प्रावधान को रोक दिया गया है। इसमें बदलाव को बजट के पारित होते ही अधिसूचित किया जाएगा। 
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उन्होंने कहा कि प्रस्तावित जीएसटी कानून को लेकर कुछ संशय है। एक बार यह कानून लागू होने पर नई उद्योग नीति की पूरी तरह समीक्षा होगी। मौजूदा उद्योग नीति भी कुछ माह के लिए है। अगर जीएसटी व्यवस्था को लागू किया जाता है तो कर और उद्योगों से संबंधित विशेषकर माफी और इंसेंटिव में काफी बदलाव होगा। ऐसे में सरकार को एक बार फिर उद्योग नीति की समीक्षा करनी होगी। 

कहा कि जीएसटी में राज्य के विशेष अधिकारों के संरक्षण की मांग की गई है। समय समय पर राज्य की संवैधानिक स्थिति का मामला वित्त मंत्रियों की सशक्त समिति के समक्ष उठाया गया है। हाल ही में कोलकाता में हुई बैठक में एक उप समूह गठित कर जीएसटी पर जम्मू कश्मीर के संशयों का ध्यान रखने की बात कही गई। 

अकेला यह ही ऐसा राज्य है जिसे कर तय करने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि गत 14 वर्षों से जीएसटी विधेयक पर राज्य सरकार की स्थिति जम्मू कश्मीर की विशेष संवैधानिक स्थिति को संरक्षित करने की रही है। हालांकि, उनसे पहले के वित्त मंत्री तीन साल तक सशक्त समिति के चेयरमैन भी रहे हैं, उन्होंने सिर्फ राज्य के विशेष दर्जे को सुरक्षित रखने की बात कही। किस तरह से इसे संरक्षित किया जाए इस पर राज्य के विचार नहीं रखे। हमने यह प्रस्ताव दिया कि इसे किस तरह से सुरक्षित रखा जा सकता है। 


डा. द्राबू ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वितरित जीएसटी कानून मसौदा में जम्मू कश्मीर के विशेष अधिकारों को सुरक्षित रखने का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। उन्होेंने इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री को सुझाव दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इसे मान लिया जाएगा। कहा कि जीएसटी विधेयक को लागू किए जाने से पूर्व यदि कोई बदलाव की जरूरत महसूस हुई तो इसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि हालांकि, जम्मू-कश्मीर एक आयात करने वाला राज्य है और इसे जीएसटी का लाभ मिलेगा।

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