मोदी ने जम्मू-कश्मीर के लिए खोला खजाना
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जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन को लेकर भाजपा और पीड़ीपी के बीच चल रही सियासी गठजोड़ के प्रयासों के बीच केंद्र सरकार ने सूबे के लिए अपने खजाने का मुंह खोल दिया है।
राज्यपाल एनएन वोहरा की दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मैराथन मुलाकातों के बाद केंद्र सरकार ने पिछले साल आई बाढ़ आपदा के चलते वित्तीय संकट से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर को संकट से उबारने के लिए करोड़ों रुपये की सहायता राशि को मंजूरी दी है।
राज्यपाल एन एन वोहरा की गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद जम्मू-कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और सूबे के सार्वजनिक ढांचे को फिर से खड़ा करने के लिए केंद्र सरकार ने अपने खजाने का मुंह खोल दिया है।
राज्य को जहां राष्ट्रीय आपदा कोष से सार्वजनिक ढांचे को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने 1102.56 करोड़ रुपये दिए तो वहीं पुनर्वास के लिए 634.99 करोड़, खाद्य सब्सिडी के लिए 144.85 करोड़ और राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 35.67 करोड़ रुपये राज्य सरकार को दिए गए हैं।
खाद्य सब्सिडी के लिए दिए 144.85 करोड
इसके अलावा भी गावों में पेयजल की सुविधा की बहाल करने के लिए 20 करोड़, पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति के लिए 25.41 करोड़, दुग्ध उत्पादों के लिए 2.52 करोड़ और दवाईयों के लिए 1.54 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
गृहमंत्री ने राज्यपाल को कहा है कि वह अगले हफ्ते जम्मू-कश्मीर से जुड़े सीमा क्षेत्रों की विकास कार्य की योजनाओं के समीक्षा के लिए गृह सचिव को भेज सकते हैं।
सरकार के इस सहायता राशि के ऐलान से पहले जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने दिल्ली में केंद्र सरकार के कई मंत्रियों से मुलाकात की। वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात के दौरान उन्होंने बीते साल राज्य में आई आपदा से हुए आर्थिक नुकसान की जानकारी दी।
बिशेष पैकेज की मांग की
वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ वोहरा की मुलाकात के बाद यह भी तय किया गया कि राज्य की ओर से मांगे गए 41 हजार करोड़ के विशेष राहत पैकेज पर भी केंद्र सरकार बाद में विचार करेगी।
वहीं सूबे में पुनर्वास और विकास के लिए रोडमैप पर निर्णय लेने के लिए गृह मंत्रालय को नोडल प्राधिकरण बनाया गया है। गृह मंत्री राजनाथ ने राज्यपाल वोहरा को पूर्ण रूप से तहस-नहस हुए पक्के और कच्चे घरों को बनाने में आ रही वित्तीय समस्या को दूर करने के लिए आश्वासन दिया है कि वह इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाते हुए उपलब्ध फंड को जल्द से जल्द जारी करने की कोशिश करेंगे।
गौरतलब है कि बीती दीपावली में जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राज्य को विशेष सहायता राशि के तौर पर दिए गए एक हजार करोड़ रुपये के आवंटन की भी समीक्षा की गई। राज्यपाल ने गृहमंत्री को आश्वासन दिया है कि पुनर्वास से जुड़े हर काम की वो अपने स्तर से निगरानी कर रहे हैं।