केंद्र ने जम्मू के लिए भी किया एम्स का एलान
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केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर को दो एम्स देने का निर्णय लिया है। इससे पहले सिर्फ श्रीनगर के लिए एम्स की घोषणा की गई थी। अब केंद्र ने श्रीनगर के साथ-साथ जम्मू में भी एम्स स्थापित करने का निर्णय लिया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ हुई जम्मू और कश्मीर के भाजपा नेताओं की बैठक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जम्मू और श्रीनगर दोनों शहरों में एम्स खोलने का एलान किया। जेटली के साथ हुई भाजपा नेताओं की बैठक में नड्डा भी मौजूद थे।
इस बैठक में भाजपा महासचिव राम माधव, जम्मू और कश्मीर के उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा, रियासत के स्वास्थ्य मंत्री लाल सिंह और प्रदेश भाजपा महासचिव नरेन्द्र सिंह शामिल थे।
इससे पहले बुधवार की रात को जम्मू कश्मीर के नेताओं की नड्डा के साथ लंबी बातचीत हुई थी। उस बैठक में जम्मू में एम्स के एलान का निर्णय हो गया। वित्तीय व्यवस्था के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पहले ही निर्देश दे दिए थे।
पीडीपी ने केंद्र सरकार के फैसले का किया स्वागत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी पहले जम्मू और श्रीनगर में समान स्वास्थ्य सुविधा का एलान किया था। पीडीपी ने भी केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। शिक्षा मंत्री एवं सरकार के प्रवक्ता नईम अख्तर ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किए गए फैसला का पार्टी और सरकार दोनों कही तरफ से वे स्वागत करते हैं।
नडडा ने वीरवार को घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जम्मू और श्रीनगर को समान स्वास्थ्य सुविधाएं देने की नीति के तहत जम्मू में भी एम्स की स्थापना का निर्णय लिया गया है।
गौरतलब है कि केंद्रीय आम बजट में सरकार ने सिर्फ श्रीनगर में एम्स की स्थापना का ऐलान किया था। उसके बाद जम्मू में इसके विरोध में आंदोलन शुरू हो गया था।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा-पीडीपी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। जम्मू बंद समेत कई आंदोलन हुए। सर्वदलीय समिति के तहत आम लोगों ने भी इस निर्णय का विरोध किया था। जम्मू प्रदेश में मुख्य लड़ाई भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रही है। इस वजह से भाजपा की चिंताएं भी बढ़ीं।
भाजपा का प्रदेश नेतृत्व भी लगातार केंद्रीय नेताओं पर दबाव बनाए हुए था। प्रदेश नेतृत्व ने केंद्रीय नेतृत्व को आगाह कर दिया था कि इस मुद्दे पर देरी से जम्मू में कांग्रेस को फायदा मिल सकता है। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने जम्मू में एम्स की स्थापना का विधिवत ऐलान कर दिया।