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कश्मीर मुद्दे पर अलगाववादियों से बात नहीं करेगी केंद्र सरकार

Sat, 12 Nov 2016 12:00 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 12 Nov 2016 12:00 PM IST
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center will not speak with sepratists on kashmir issue
अलगाववादियों से नहीं होगी बातचीत - फोटो : File Photo

केंद्र सरकार ने पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा नेता यशवंत सिन्हा के नेतृत्व वाले सिटिजन ग्रुप के कई सुझावों को अस्वीकार कर दिया है। अलगाववादियों से वार्ता पर केंद्र सहमत नहीं है। साथ ही उपद्रव और हिंसा के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई की जांच के लिए न्यायिक आयोग के गठन की सलाह को भी केंद्र ने ठुकरा दिया है।

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अलगाववादी पाकिस्तान से भी बातचीत के लिए जोर देते रहे हैं। त्रिपक्षीय वार्ता के सुझाव से भी केंद्र सहमत नहीं है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने इस आशय के संकेत दिए हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा कि फैसला गृह मंत्री को करना है लेकिन कोई भी बातचीत संविधान के दायरे में ही होगी।
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भाजपा नेता यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में सिटिजन ग्रुप ने निजी हैसियत से 25 से 27 अक्टूबर तक श्रीनगर का दौरा कर अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक समेत कई गुटों से बातचीत की थी। मुख्यमंत्री और गवर्नर के अलावा टीम ने सिविल सोसाइटी से भी बातचीत की थी। 

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बातचीत को तैयार नहीं है केंद्र सरकार

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यशवंत सिन्हा - फोटो : Demp Pic.

अपनी यात्रा के बाद यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में आई इस टीम ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी। टीम में अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष वजाहत हबीबुल्लाह, कपिल काक, भारत भूषण और सेंटर फार डायलाग एंड रिकनसिलिएशन की कार्यक्रम निदेशक शुशोभना बार्वे शामिल थे। 

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में आई सर्वदलीय टीम के सदस्यों सीताराम येचुरी और शरद यादव से अलगाववादियों ने बातचीत से इनकार कर दिया था। अब अलगाववादी वार्ता को तैयार हैं, लेकिन, अपनी साख बचाने के लिए संविधान के दायरे वाली शर्त को दरकिनार करने पर जोर दे रहे हैं।

रियासत सरकार ने भी खारिज किया सुझाव

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सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala

केंद्र इसके लिए तैयार नहीं है। यशवंत की टीम ने उपद्रव के दौरान पेलेट गन से घायल हुए बच्चों के लिए अलग से ब्लाइंड स्कूल खोलने और सभी पीड़ितों का मुआवजे का भी सुझाव दिया है। टीम की रिपोर्ट में पब्लिक सुरक्षा अधिनियम ( पीएसए) के तहत गिरफ्तार बच्चों की रिहाई का भी सुझाव शामिल है।

इससे पहले 15 नवंबर से शुरू होने वाली परीक्षाओं को स्थगित करने के टीम के सुझाव रियासत सरकार ने भी खारिज कर दिया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सेना के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीर के अलगाववादी नेताओं और जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती समेत कई लोगों से मुलाकात की थी। 

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