अलगाववादियों को रियायतें देने के मूड में नहीं है केंद्र सरकार
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केंद्र सरकार फिलहाल अलगाववादियों को किसी भी तरह की रियायत देने के पक्ष में नहीं है। कश्मीर घाटी में सामान्य हो रही स्थिति के मद्देनजर पीडीपी ने केंद्र पर अलगाववादियों से वार्ता के लिए दबाव बनाया है। पीडीपी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से प्रस्तावित मुलाकात में विश्वास बहाली के लिए कदम उठाए जाने पर बातचीत संभव है।
पीडीपी कम उम्र के पत्थबाजों की रिहाई भी चाहती है। कुछ अलगाववादियों से पीएसए हटाने का भी प्रस्ताव है लेकिन केंद्र की सहमति के बगैर ऐसा करना संभव नहीं है। अलगाववादियों ने वीक एंड पर हड़ताल में दो दिनों की छूट देकर बातचीत के लिए पहल की है लेकिन केंद्र संविधान के दायरे की शर्त पर कायम है।
दरअसल चार महीने की अशांति के बाद अब आम कश्मीरियों की हड़ताल में दिलचस्पी नहीं रह गई है। अलगाववादियों की अपीलें बेअसर हो रही हैं और लोग सामान्य दिनों की तरह कामकाज में जुट गए हैं। अलगाववादियों के समक्ष रसूख बचाए रखने की चुनौती है। यही कारण है कि अलगाववादी बंद और हड़ताल की अवधि को धीरे-धीरे घटा रहे हैं।
महबूबा मुफ्ती और पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात संभव
पीडीपी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री महबूबा की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मुलाकात संभव है। सीएम घाटी के हालात की जानकारी देने के साथ स्थायी तौर पर अमन बहाली के लिए सुझाव भी पेश करेंगी।
वे कश्मीर में दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं के शांतिपूर्ण आयोजन की उपलब्धि से भी केंद्रीय गृह मंत्री को पहले अवगत करा चुकी हैं। महबूबा के दिल्ली दौरे में प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज को तेजी से लागू करने पर भी चर्चा संभव है।
हिंसा के दौरान 280 अलगाववादी समेत 4372 उपद्रवी हुए हैं गिरफ्तार
गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक कश्मीर हिंसा के दौरान 280 अलगाववादी समेत 4372 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है। हिंसा के दौर में कुल 2513 एफआईआर दर्ज हुईं और 2548 लोगों को बंदी बनाया गया है। पुलिस अधिनियम की धारा 25 के तहत 525 लोगों को नोटिस जारी हुई है।
लोक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत 472 लोगों पर कार्रवाई हुई है जिसमें उग्रवादियों, ओवरग्राउंड वर्करों, पत्थरबाजों और हिंसा के लिए उकसाने वाली जमातों के लोग शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय फिलहाल इन लोगों को कोई रियायत देने के पक्ष में नहीं है।