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सरहद पर गोलाबारी से ग्रामीणों में दहशत, सैकड़ों हुए कैंपों में विस्थापित
amarujala.com- Presented by: श्रेयांश त्रिपाठी
Updated Sun, 14 May 2017 04:07 PM IST
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कैंपों में विस्थापित हुए ग्रामीण
- फोटो : File Photo
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बार्डर और एलओसी पर फायरिंग होने के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों ने एहतियातन अपने मवेशियों खुद को सुरक्षित रखना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि पाकिस्तान का कोई भरोसा नहीं कि कब फायरिंग शुरू कर दे। वहीं, नौशेरा फायरिंग में घायल एक महिला को जीएमसी में भर्ती कराया गया है।
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एक दिन पहले ही अरनिया बार्डर पर पाकिस्तान ने पहले बीएसएफ की पार्टी और फिर बीएसएफ पोस्ट पर गोलाबारी की। सूत्रों का कहना है कि इससे पहले वीरवार की रात को भी एक राउंड फायर हुआ था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। बासपुर रहने वाले देवराज का कहना है कि अपने आप का बचाव ही इस समय सुरक्षित रहने का सबसे बड़ा काम है।
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क्योंकि पाक की तरफ से कभी भी गोलाबारी कर दी जाती है। पिछले साल भी ऐसा ही हुआ था और इसमें कई मवेशी मारे गए। अब्दुलियां के नरेश चौधरी का कहना है कि अचानक फायरिंग होने से गांव को बहुत ज्यादा नुकसान होता आया है। इसमें चाहते मानव हो या मवेशी या फिर लोगों के घर हों।
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संभलने का नहीं मिला मौका
नौशेरा में हो रही फायरिंग में घायल होकर जीएमसी पहुंची जैतुन बेगम का कहना है कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। पता तो था कि पाक की तरफ से रुक रुक फायरिंग हो रही है। इससे पहले कि वह कहीं सुरक्षित जगह जाती। वह अपने घर के सभी सदस्यों को सुरक्षित स्थान के लिए दूसरी जगह जा रहे थे और एक छर्रा उनको आकर लग गया।