नौशेरा में पाकिस्तान ने किया संघर्षविराम का उल्लंघन, एक जवान शहीद
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पाकिस्तान की नापाक हरकतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आतंकियों को घुसपैठ कराने की फिराक में जुटी पाकिस्तानी सेना लगातार संघर्षविराम उल्लंघन कर रही है। इसी क्रम में पाकिस्तानी सेना ने नौशेरा सेक्टर में संघर्षविराम का उल्लंघन किया। इस दौरान सीमा पार से भारी गोलाबारी की गई। पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया।
पाकिस्तान ने शुक्रवार को लगभग 6 बजकर 45 मिनट पर दोबारा राजौरी के नौशेरा सेक्टर में मोर्टार के साथ छोटे हथियारों से गोलीबारी कर संघर्षविराम का उल्लंघन किया। जिस पर भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की।
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उधर, घाटी में पांच अगस्त से पहले व्यापक हिंसा की साजिश आतंकी तंजीमों ने रची है। अनुच्छेद 370 हटने के एक साल पूरे होने पर यह षड्यंत्र सीमा पार से रचा गया है। इसके तहत नेताओं, पंचायत नुमाइंदे और सुरक्षाबलों के जवानों को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबलों को ऐसी सूचनाएं मिलने के बाद विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है।
आतंकी संगठनों की ओर से कश्मीर में पाकिस्तान की शह पर कई वारदातें अंजाम दी जा सकती हैं
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पांच अगस्त से पहले आतंकी संगठनों की ओर से कश्मीर में पाकिस्तान की शह पर कई वारदातें अंजाम दी जा सकती हैं। इसमें खासकर नेताओं व पंचायत प्रतिनिधियों पर हमले किए जा सकते हैं। पुलिसकर्मियों को अगवा कर उन्हें नौकरी छोड़ने के लिए धमकाया जा सकता है। इसके साथ ही कश्मीरी पंडितों व अन्य बाहरियों को धमकी दी जा सकती है। सुरक्षा प्रतिष्ठानों और सुरक्षाबलों पर हमले की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान यह सब इसलिए करवाएगा ताकि वह दुनिया को बता सके कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद भी जम्मू-कश्मीर में बहुत कुछ नहीं बदला है। इससे पहले भी वह कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर 370 हटाने का विरोध दर्ज करा चुका है। सबसे ज्यादा संवेदनशील दक्षिणी और उत्तरी कश्मीर है। कश्मीरी पंडित सरपंच अजय पंडिता की अनंतनाग में हत्या के बाद न केवल कश्मीरी पंडितों बल्कि आम पंचायत प्रतिनिधियों में भी खौफ है। वे लगातार अपनी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।