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Jammu News: त्योहारों पर जेब और ढीली, बढ़े दाल, चीनी और तेल के दाम
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- चार माह में सरसों का तेल 170 रुपये और मूंग दाल 28 रुपये प्रति किलो तक महंगी
रिया सरमाल
जम्मू। त्योहारी सीजन में महंगाई का असर दिखने लगा है। चीनी, देसी घी, सरसों का तेल और दालों के दाम बढ़ने से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।
शहर के सबसे बड़ी थोक एवं फुटकर कनक मंडी में उपलब्ध दरों के अनुसार अक्तूबर में चीनी की कीमत 64 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। सितंबर में यह 55 रुपये प्रति किलो थी। सरसों के तेल और कई दाल के दाम में भी बढ़े हैं।
दुकानदारों के मुताबिक कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह उत्पादन में कमी और मांग में इजाफा है। त्योहारों में खरीदारी बढ़ने से बाजार पर दबाव भी बढ़ता है। मौसम का असर फसलों के उत्पादन और आपूर्ति पर पड़ने से कुछ वस्तुओं के दाम प्रभावित हो सकते हैं। पिछले दो महीनों में कई खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बदलाव आया है। इससे आम उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
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त्योहारों पर रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। चीनी, दाल, घी और तेल जैसी रोजमर्रा जरूरत की चीजों के दाम बढ़ने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए खर्च में कटौती करनी पड़ रही है।
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- सोनिया देवी, गृहिणी
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महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। घर के लिए मिठाइयां और अन्य जरूरी सामान खरीदना भी महंगा हो गया है। पहले त्योहारों पर कुछ अतिरिक्त खरीदारी कर लेते थे। अब हर सामान खरीदने से पहले कीमत देखनी पड़ती है। सरकार को जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने चाहिए।
- ऊमा देवी, गृहिणी
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त्योहार शुरू होते ही बाजार में कई वस्तुओं की मांग बढ़ जाती है। इसका असर कीमतों पर पड़ता है। मौजूदा तेजी अस्थायी भी हो सकती है। आने वाले समय में बाजार के भाव बदल सकते हैं।
- आशीष, अध्यक्ष, मार्केट एसोसिएशन कनक मंडी
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इस समय कुछ वस्तुओं का उत्पादन कम होने और मांग अधिक रहने से कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इसका असर रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों पर दिखाई दे रहा है।
- आदित्य, दुकानदार, कनक मंडी
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त्योहारों के दौरान हर साल कई सामान महंगे हो जाते हैं। मौसम खराब रहने से फसलों के उत्पादन और आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। इससे कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका रहती है।
- आशु गुप्ता, दुकानदार कनक मंडी
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पिछले दो महीनों में कई वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जबकि कुछ के दाम स्थिर बने हुए हैं। नई फसल आने के बाद आपूर्ति सुधरने और कुछ कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। एक-दो माह में भाव में बदलाव दिख सकता है।
- मनीष गुप्ता, दुकानदार कनक मंडी
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जुलाई से अक्तूबर तक दाम (प्रति किलो)
खाद्य वस्तु जुलाई अगस्त सितंबर 15 अक्तूबर वृद्धि
चीनी 48 60 55 64 16
देसी घी 600 600 600 615 15
सरसों तेल 180 180 190 200 20
चना दाल 80 75 88 99 19
अरहर 120 125 125 130 10
मूंग 80 95 100 108 28
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रिया सरमाल
जम्मू। त्योहारी सीजन में महंगाई का असर दिखने लगा है। चीनी, देसी घी, सरसों का तेल और दालों के दाम बढ़ने से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।
शहर के सबसे बड़ी थोक एवं फुटकर कनक मंडी में उपलब्ध दरों के अनुसार अक्तूबर में चीनी की कीमत 64 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। सितंबर में यह 55 रुपये प्रति किलो थी। सरसों के तेल और कई दाल के दाम में भी बढ़े हैं।
दुकानदारों के मुताबिक कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह उत्पादन में कमी और मांग में इजाफा है। त्योहारों में खरीदारी बढ़ने से बाजार पर दबाव भी बढ़ता है। मौसम का असर फसलों के उत्पादन और आपूर्ति पर पड़ने से कुछ वस्तुओं के दाम प्रभावित हो सकते हैं। पिछले दो महीनों में कई खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बदलाव आया है। इससे आम उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
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त्योहारों पर रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। चीनी, दाल, घी और तेल जैसी रोजमर्रा जरूरत की चीजों के दाम बढ़ने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए खर्च में कटौती करनी पड़ रही है।
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- सोनिया देवी, गृहिणी
महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। घर के लिए मिठाइयां और अन्य जरूरी सामान खरीदना भी महंगा हो गया है। पहले त्योहारों पर कुछ अतिरिक्त खरीदारी कर लेते थे। अब हर सामान खरीदने से पहले कीमत देखनी पड़ती है। सरकार को जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने चाहिए।
- ऊमा देवी, गृहिणी
त्योहार शुरू होते ही बाजार में कई वस्तुओं की मांग बढ़ जाती है। इसका असर कीमतों पर पड़ता है। मौजूदा तेजी अस्थायी भी हो सकती है। आने वाले समय में बाजार के भाव बदल सकते हैं।
- आशीष, अध्यक्ष, मार्केट एसोसिएशन कनक मंडी
इस समय कुछ वस्तुओं का उत्पादन कम होने और मांग अधिक रहने से कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इसका असर रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों पर दिखाई दे रहा है।
- आदित्य, दुकानदार, कनक मंडी
त्योहारों के दौरान हर साल कई सामान महंगे हो जाते हैं। मौसम खराब रहने से फसलों के उत्पादन और आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। इससे कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका रहती है।
- आशु गुप्ता, दुकानदार कनक मंडी
पिछले दो महीनों में कई वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जबकि कुछ के दाम स्थिर बने हुए हैं। नई फसल आने के बाद आपूर्ति सुधरने और कुछ कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। एक-दो माह में भाव में बदलाव दिख सकता है।
- मनीष गुप्ता, दुकानदार कनक मंडी
जुलाई से अक्तूबर तक दाम (प्रति किलो)
खाद्य वस्तु जुलाई अगस्त सितंबर 15 अक्तूबर वृद्धि
चीनी 48 60 55 64 16
देसी घी 600 600 600 615 15
सरसों तेल 180 180 190 200 20
चना दाल 80 75 88 99 19
अरहर 120 125 125 130 10
मूंग 80 95 100 108 28