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Jammu News: फंड की कमी से 80 परिवार को नहीं मिले बंकर
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सांबा। सीमावर्ती गांवों में बंकर नहीं बनने पर ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों के अनुसार यदि सरकार की ओर से सभी सीमावर्ती गांवों को बंकरों की सुविधा दे रही है, फिर उन्हें क्यों नहीं दी जा रही है।
उनके अनुसार सीमावर्ती गांव सदोह व कंगवाला के 80 परिवार आज भी बंकर के इंतजार में हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग उठाई है कि उनके गांवों में भी बंकरों का निर्माण कराया जाए। सड़क एवं भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया, कोई जवाब नहीं मिला। विभाग के एक अधिकारी के अनुसार कुछ गांव छूट गए हैं, उनके लिए जैसे ही फंड आएंगे, बंकर बनाए जाएंगे।
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उनका गांव भारत-पाक सीमा के निकट है। जब भी पाकिस्तानी रेंजर की ओर से गोलाबारी की जाती है। उनका गांव अधिक प्रभावित होता है।
-सुनील कुमार, स्थानीय निवासी सदोह
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केंद्र सरकार की ओर से पाकिस्तानी गोलीबारी के बचाव के लिए ग्रामीणों को बंकर बना कर देने की योजना बनाई, लेकिन उनके गांवों को छोड़ दिया गया। कई बार मांग उठाई, लेकिन अनसुनी कर दी गई।
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-मुलख राज, स्थानीय निवासी थली सदोह
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चीन सीमा पर बढ़ रही झड़पों कारण पाकिस्तान पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता है ऐसे में कोई पता नही कब गोलीबारी शरू कर दे वह प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि उन के गांवों में बंकर बनाए जाएं।
-सवर्ण लाल, स्थानीय निवासी कंगवाला।
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पाकिस्तानी रेंजरों की ओर से दागे जाने वाले मोर्टार के गोले गांव को भी पार कर जाते हैं। ऐसे में परिवारों की सुरक्षा कैसे करेंगे। बंकरों की जरूरत है व गांव में भी बंकरों का निर्माण कराया जाए।
-गुरदियाल, निवासी कंगवाला
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उनके अनुसार सीमावर्ती गांव सदोह व कंगवाला के 80 परिवार आज भी बंकर के इंतजार में हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग उठाई है कि उनके गांवों में भी बंकरों का निर्माण कराया जाए। सड़क एवं भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया, कोई जवाब नहीं मिला। विभाग के एक अधिकारी के अनुसार कुछ गांव छूट गए हैं, उनके लिए जैसे ही फंड आएंगे, बंकर बनाए जाएंगे।
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उनका गांव भारत-पाक सीमा के निकट है। जब भी पाकिस्तानी रेंजर की ओर से गोलाबारी की जाती है। उनका गांव अधिक प्रभावित होता है।
-सुनील कुमार, स्थानीय निवासी सदोह
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केंद्र सरकार की ओर से पाकिस्तानी गोलीबारी के बचाव के लिए ग्रामीणों को बंकर बना कर देने की योजना बनाई, लेकिन उनके गांवों को छोड़ दिया गया। कई बार मांग उठाई, लेकिन अनसुनी कर दी गई।
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-मुलख राज, स्थानीय निवासी थली सदोह
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चीन सीमा पर बढ़ रही झड़पों कारण पाकिस्तान पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता है ऐसे में कोई पता नही कब गोलीबारी शरू कर दे वह प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि उन के गांवों में बंकर बनाए जाएं।
-सवर्ण लाल, स्थानीय निवासी कंगवाला।
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पाकिस्तानी रेंजरों की ओर से दागे जाने वाले मोर्टार के गोले गांव को भी पार कर जाते हैं। ऐसे में परिवारों की सुरक्षा कैसे करेंगे। बंकरों की जरूरत है व गांव में भी बंकरों का निर्माण कराया जाए।
-गुरदियाल, निवासी कंगवाला
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