बड़गाम: दो किशोरों की हत्या में 9 सैनिक दोषी करार
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बीते तीन नवंबर को श्रीनगर के बड़गाम में सेना की गोलीबारी में दो किशोरों की मौत के मामले में सेना के नौ जवानों को दोषी पाया गया है। बता दें कि सेना के जवानों द्वारा की गई फायरिंग में कार सवार पांच लड़कों में से दो की मौत हो गई थी। मामले में 9 जवानों को आरोपी बनाया गया है।
सेना की अदालत ने 53 राष्ट्रीय राइफल्स के 8 जवानों और एक जेसीओ के खिलाफ केस दायर कर इन सभी के कोर्ट मार्शल की सिफारिश की है। अहम है कि सेना ने शुरूआत में ही अपनी गलती मान ली थी और कुछ ही दिनों में जांच पूरी करने का आश्वासन दिया था।
दो युवकों की मौत के बाद से बड़गाम समेत पूरी घाटी के हालात तनावपूर्ण हो गए थे और सेना विरोधी प्रदर्शन किए गए थे। इसी घटना के बाद से AFSPA को हटाए जाने की मांग फिर से उठने लगी थी।
तीन चौकियां तोड़कर फरार हो रहे थे मृतक
बता दें कि घटना तीन नवंबर की है। बड़गाम के छत्तरगाम में सेना के जवारों की फायरिंग में कार सवार दो युवकों की मौत हो गई थी जबकि दो अन्य जख्मी हो गए थे। गोली उस वक्त चलाई गई थी जब युवकों ने चैक पोस्ट पर अपनी गाड़ी नहीं रोकी और फरार हो गए।
सेना के प्रवक्ता ने बयान देकर कहा था कि, वाहनों की तलाशी ले रहे सेना और पुलिस के एक दल ने शाम करीब पांच बजे छत्तरगाम में एक कार को रुकने का इशारा किया।
कार में सवार लोग पहले चेक पोस्ट पर नहीं रुके, जिसके बाद उन्हें दूसरी चौकी पर रोकने का प्रयास किया गया लेकिन वह दूसरी चौकी पर भी नहीं रुके इसके बाद तीसरी चौकी पर तैनात जवानों ने मारुति 800 कार में सवार इन लोगों को रुकने का इशारा किया। लेकिन यह लोग तीसरे चेक पोस्ट को तोड़कर फरार होने की कोशिश कर रहे थे, तभी जवानों ने गोली चला दी।
माच्छिल एनकाउंटर के बाद अब बड़गाम
माच्छिल एनकाउंटर में फैसला अपने के बाद बड़गाम घटना पर आया है दूसरा बड़ा फैसला है जिसमें सेना के लोग ही दोषी पाए गए हैं। फैसले के बाद घाटी में सेना और अवाम के बीच रिश्ते सुधने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्रालय ने दोनों मृतकों के परिजन को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान पहले ही कर दिया था। घटना में घायल हुए दोनों युवकों को भी पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई है।
बता दें कि घटना में फैसल यूसुफ भट और मेहराजुद्दीन डार की मौत हो गई थी, जिसके बाद इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था।