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बारिश के बाद भी महादान के लिए उमड़ी भीड़
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 15 Jun 2015 12:23 AM IST
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विश्व रक्तदाता दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को महेशपुरा चौक स्थित रेडक्रास अटेंडेंट सराय में विशेष रक्तदान शिविर लगाया गया। सुबह बारिश के बावजूद रक्तदान करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिसमें विद्यार्थी भी शामिल थे। रीजनल रेडक्रास सोसायटी, ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग, जीएमसी और जेएंडके एड्स कंट्रोल सोसायटी के सहयोग से की गई इस पहल में महिलाओं ने भी रक्तदान किया।
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उन्होंने रक्तदान कर दिखाया कि मानव जीवन की सलामती के लिए इस दान से बड़ा कोई दान नहीं है। रक्तदाताओं को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र भी जारी किए गए। अटेंडेंट सराय में सुबह नौ बजे ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग एसएमजीएस की इंचार्ज डा. मीना सिद्धू और रीजनल रेडक्रास सोसायटी के सचिव आरसी पुरी ने शिविर को शुरू कराया।
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दोपहर तक चले इस शिविर में पंडित, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयंसेवी, कर्मचारी, विद्यार्थी और अमर उजाला परिवार के सदस्यों ने रक्तदान कर दूसरों की जिंदगी बचाने का संदेश दिया। कई लोग पहली बार रक्तदान करने पहुंचे। इस बीच अधिक भीड़ होने पर एक समय ऐसा आया जब रक्तदान के लिए रक्तदाताओं को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। रक्तदान के लिए कई गुमनाम रक्तदाता भी पहुंचे। ऐसे एक सिख छात्र ने रक्तदान करते हुए कहा कि जिस दान से दूसरों का भला हो, उसमें हमेशा आगे रहना चाहिए।
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रक्तदान के लिए पहुंचे रक्तदाताओं के पते, मोबाइल नंबर, ब्लड ग्रुप आदि महत्वपूर्ण जानकारियां ली गईं, ताकि भविष्य में जरूरतमंद मरीजों के लिए दोबारा उनकी सेवाएं ली जा सकें। शिविर को सफल बनाने में ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग से डा. सोनिया, सिस्टर रेणु, विजय आनंद, बलवीर, रफीक आदि ने सहयोग दिया।
पूजा छोड़ कर पहुंचे रक्तदान करने
रक्तदान के लिए पहुंचे पंडित रोमेश शास्त्री ने बताया कि वह मंदिर में पूजा कर रहे थे तभी उन्हें अमर उजाला के माध्यम से रक्तदान शिविर के बारे में पता चला और वह महादान के लिए आ गए। उनका ब्लड ग्रुप ओ नेगेटिव है।
जनसेवा का लिया संकल्प
18 वर्ष की उम्र पार करने पर बालिग होने के साथ ही पूर्व मंडलायुक्त शांतमनु के बेटे सूयाष राज शिवम ने अमर उजाला के रक्तदान शिविर में पहली बार रक्तदान कर युवाओं को दूसरों की सेवा का संदेश दिया। उसने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। युवाओं को इस नेक सेवा में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
महादान में उम्र आड़े न आई
रक्तदान जैसे महादान में उम्र भी आड़े न आई। रीजनल रेडक्रास सोसायटी के सचिव आरसी पुरी ने 62 की उम्र में 33वीं बार रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान के लिए जागरूकता को बढ़ावा दिया जाए। सभी वर्ग के लोग रक्तदान के लिए खुलकर आगे आएं। इससे मानव जिंदगी को बचाया जा सकता है।
अमर उजाला ने जागरूक किया
रक्तदान शिविर में अधिकांश लोग अमर उजाला से जानकारी पाकर रक्तदान करने के लिए पहुंचे। रक्तदाता संदीप कुमार, संजय जैन, विनोद पाधा आदि ने कहा कि उन्हें इस नेक काम के लिए अमर उजाला ने प्रेरित किया। वे भविष्य में भी जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान को प्रयासरत रहेंगे।
नेगेटिव ब्लड वाले भी आगे रहे
रक्तदान शिविर में रक्तदान के लिए कई नेगेटिव ब्लड ग्रुप वाले भी पहुंचे। ओ नेगेटिव वाले ब्रिगेडियर मनमोहन हरजाई ने कहा कि उनके खून की काफी अहमियत होती है। नेगेटिव ब्लड ग्रुप वालों को भी रक्तदान के लिए खुलकर सामने आना चाहिए।