अफस्पा और 370 पर संविधान के अनुरूप होगी कार्रवाई
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आरएसएस की नाराजगी के बाद भी भाजपा और पीडीपी में नई सरकार के गठन के लिए निर्णायक बातचीत चल रही है। अफस्पा तथा अनुच्छेद 370 पर पीडीपी के सख्त रुख के बाद दोनों दलों में आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट (अफस्पा) पर एक कमेटी गठित कर बीच का रास्ता निकालने पर सहमति बनी है।
साथ ही अनुच्छेद 370 पर कोई लिखित आश्वासन न देने पर अड़ी भाजपा भी नरम रुख अपनाएगी। यह तय हुआ है कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) में दोनों गठबंधन सहयोगी इन दोनों मुद्दों पर राज्य के लोगों की भावना का ख्याल रखते हुए संविधान के तहत काम करेंगे।
पीडीपी प्रवक्ता नईम अख्तर ने निर्णायक बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि सीएमपी में सारी बातों का जिक्र होगा। उम्मीद है कि नई सरकार जल्द बनेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या विधान परिषद चुनाव बाद नई सरकार बनेगी तो उन्होंने कहा कि अभी चुनाव में दस दिन हैं।
यह कहकर उन्होंने अगले सप्ताह तक सरकार के अस्तित्व में आने का संकेत दिया है। सूत्रों के अनुसार सीएमपी पर दोनों दलों के प्रतिनिधियों की ओर से काफी हद तक तैयारी कर ली गई है। इसमें विवादित अफस्पा, अनुच्छेद 370 सहित अन्य मुद्दों का भी जिक्र होगा।
विवादित मुद्दों पर नरम रुख
पेच केवल इन्हीं दो मुद्दों को लेकर है। सूत्रों ने बताया कि यदि किसी प्रकार की विवाद की स्थिति उत्पन्न न हुई तो सीएमपी के साथ दोनों ही दल जल्द सरकार गठन की घोषणा कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में भाजपा कोर ग्रुप की शीर्ष नेतृत्व अमित शाह के साथ शुक्रवार को हुई बैठक में भी सरकार गठन पर चर्चा हुई।
इसके साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राममाधव तथा रामलाल से भी कोर ग्रुप की मंत्रणा हुई। बैठक में विवादित मुद्दों पर नरम रुख अपनाने पर सहमति बनी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और कोर ग्रुप के सदस्य डॉ. निर्मल सिंह ने बताया कि बैठक में सरकार गठन तथा विधान परिषद चुनाव पर चर्चा हुई है।
उम्मीद है जल्द ही नई सरकार का गठन हो जाएगा। भाजपा ने संकेत दिए हैं कि बातचीत सही दिशा में चल रही है और विवादित मुद्दों पर दूरियां घटीं हैं। सूत्रों ने बताया कि दोनों दलों के बीच मंत्रालयों के बंटवारे पर भी सहमति बन गई है।
उधर, पीडीपी प्रवक्ता ने बताया कि बहुत हद तक दोनों दलों के बीच सहमति बन गई है। जो थोड़े से मुद्दे हैं वे भी जल्द ही हल कर लिए जाएंगे। रियासत के विकास के लिए नई सरकार जल्द सामने होगी, यदि इसमें किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हुआ।