घाटी में भाजपा की जीत या हार?
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव नतीजे में सबसे पहली जीत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जम्मू क्षेत्र के हीरानगर के उम्मीदवार ने दर्ज की। लेकिन जब श्रीनगर की डल झील के किनारे बने श्रीनगर के शेरे कश्मीर कंवेंशन सेंटर में इस खबर की घोषणा हुई तो वहां मौजूद लोगों में बहुत ताज्जुब नहीं नजर आया।
लोग शायद इस बात के लिए जहनी तौर पर तैयार थे कि पार्टी भारत प्रशासित सूबे में इस बार बेहतर प्रदर्शन करेगी। हालांकि भाजपा घाटी में एक भी सीट हासिल नहीं कर पाई है बल्कि अमीराकदल में उसकी उम्मीदवार हिना भट्ट को तो 1359 वोट ही हासिल हुए हैं। वहां से पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के अलताफ बुखारी जीत गए हैं।
लोगों ने 'सांप्रदायिक' भाजपा को रिजेक्ट कर दिया ?
इन परिणामों को कई लोग कई तरह से पेश कर रहे हैं। कोई ये कह रहा है कि घाटी के लोगों ने 'सांप्रदायिक' भाजपा को रिजेक्ट कर दिया है। तो कुछ का कहना है कि जिन लोगों ने हिना भट्ट को वोट दिया वो भी तो मुसलमान थे। इस तरह पार्टी सूबे के कश्मीर क्षेत्र में भी घुसने में कामयाब हो गई है।
पार्टी को जो भी सीट मिली हैं वो जम्मू क्षेत्र से हैं। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि राज्य में पार्टी का प्रदर्शन बहुत बढ़िया रहा है। वो अब तक दूसरे नंबर पर दिख रही है। उधर पीडीपी सीटों के मामले में सबसे उपर है। उसके मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार मुफ्ती मोहम्मद सईद अनंतनाग की अपनी सीट जीत गए हैं।
लेकिन सूबे में जिस उम्मीदवार को भाजपा के बाद जीता हुआ घोषित किया गया वो पीडीपी से नहीं बल्कि नेशनल कांफ्रेस से था। अली मोहम्मद सागर ने जीत के बाद कहा कि जनता ने जो फैसला किया है वो सर आंखों पर होगा।
बहुमत किसी को नहीं
कंवेंशन सेंटर के सामने मौजूद समर्थक पार्टी के उम्मीदवार की जीत पर नारे लगा रहे हैं। हालांकि श्रीनगर में इस वक़्त तापमान दो डिग्री है लेकिन उससे समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ है।
भाजपा के समर्थक पटाखो के साथ मौजूद हैं। पार्टी के बढ़िया प्रदर्शन के नाम पर समर्थक पटाखों के साथ जश्न मना रहे हैं।