जम्मू कश्मीर में काम न करने वाले भाजपा मंत्रियों का छिन सकता है पद
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को भाजपा मंत्रियों और विधायकों की जमकर क्लास ली। उन्होंने मंत्रियों से उपलब्धियां पूछीं और साफ कहा कि प्रदर्शन न करने वालों की मंत्रिपद से छुट्टी हो सकती है।
शाह ने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर भाजपा की उच्च प्राथमिकता में शामिल है और यहां पर भाजपा का मजबूत होना राष्ट्र के लिए बेहद आवश्यक है। ऐसे में यहां के मंत्री, विधायक, नेता और कार्यकर्ता समर्पण भाव से कार्य करें।
गेस्ट हाउस में महासचिव संगठन रामलाल, महासचिव राम माधव और अनिल जैन की मौजूदगी में शाह ने प्रदेश में भाजपा के मंत्रियों व विधायकों को बारी-बारी बुलाया और उनसे रिपोर्ट कार्ड मांगा।
संगठन की अनदेखी करने वालों पर होगी कार्रवाई
उन्होंने विधायकों से विधानसभा क्षेत्र स्तर पर किए गए कार्यों की भी जानकारी ली। साथ ही मोदी सरकार के जन कल्याणकारी कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में पूछा।
सूत्रों के अनुसार शाह ने साफ कहा है कि कई मंत्रियों के खिलाफ नाराजगी की शिकायतें उन तक पहुंची हैं। ऐसे में वह फीड बैक ले रहे हैं। प्रदर्शन न करने वाले और संगठन की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई हो सकती है। भाजपा की राष्ट्रीय नेतृत्व जम्मू कश्मीर में पार्टी के मंत्रियों व विधायकों के कामकाज पर अब और पैनी निगाह रखेगा।
मंत्रियों से उन्होंने गठबंधन सहयोगी पीडीपी से रिश्तों व रियासत के हालात की भी जानकारी भी ली। सूत्रों का कहना है कि कई मंत्रियों ने कहा कि पीडीपी के दबाव तले न आया जाए और पार्टी अपनी विचारधारा पर कायम रहे।