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J&K: नगर निकाय चुनाव में भाजपा का परचम लहराया, मगर सांबा, पुंछ व चिनाब वैली ने रोका विजय रथ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
Updated Sat, 20 Oct 2018 10:18 PM IST
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काउंटिंग स्थल पर जश्न मनाते लोग
- फोटो : संजय गुप्ता
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तेरह साल बाद हुए नगर निकाय चुनाव में भाजपा का जम्मू के साथ कश्मीर में भी परचम लहराया। आतंकवाद प्रभावित दक्षिणी कश्मीर के चार जिलों में भी भाजपा का दबदबा रहा। जम्मू नगर निगम में भाजपा को बहुमत मिला। चुनाव जीतने के बाद विजयी प्रत्याशियों ने शहर भर में जुलूस निकाला। सभी जिला मुख्यालयों पर सुबह नौ बजे कड़ी सुरक्षा में मतगणना शुरू हुई। दोपहर लगभग दो बजे तक सभी स्थानों से परिणाम आ गया।
जम्मू संभाग के अन्य जिलों में भाजपा की हालत पतली रही। पुंछ की दोनों निकायों पर निर्दलीयों का कब्जा हो गया है। पुंछ में भाजपा को चार सीटें मिलीं जबकि सूरनकोट में एक भी सीट नहीं मिल सकी। सांबा जिले में निर्दलीयों का जोर रहा। जिले की चार निकायों में से केवल बाड़ी ब्राह्मणा में भाजपा अपना चेयरमैन बनाने की स्थिति में है। अन्य तीन निकायों रामगढ़, विजयपुर व सांबा में भाजपा की तुलना में निर्दलियों का बेहतर प्रदर्शन रहा है।
चिनाब वैली ने भाजपा को नकार दिया है। किश्तवाड़ में 13 सीटों में से भाजपा को मात्र एक सीट मिली है। डोडा जिले के तीन निकायों के 37 सीटों में से मात्र सात पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत हुई है। डोडा व भद्रवाह में तीन-तीन तथा ठाठरी में एक सीट पर भाजपा प्रत्याशी जीते हैं।
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रामबन जिले के तीन निकायों में से बटोत को छोड़कर अन्य कहीं भी भाजपा का चेयरमैन बनता नहीं दिख रहा है। बनिहाल में कांग्रेस ने बढ़त बनाई है। रामबन में भाजपा व कांग्रेस में से जिसे भी निर्दलियों का समर्थन मिलेगा वह अपना चेयरमैन बना सकेगा क्योंकि यहां तीनों को दो-दो सीटें मिली हैं। उधमपुर जिले के उधमपुर में पैंथर्स का चेयरमैन बनना तय है। रामनगर और चिनैनी में भाजपा को बहुमत है। रियासी जिले के दोनों निकायों रियासी व कटड़ा में भाजपा का चेयरमैन बनेगा।
राजोरी जिले के पांच निकायों में से नौशेरा व सुंदरबनी में भाजपा को क्लीन स्वीप मिला है, लेकिन थन्नामंडी व कालाकोट से भाजपा का सूपड़ा साफ है। राजोरी में भाजपा व कांग्रेस को बराबर-बराबर छह सीटें मिलने से निर्दलियों पर सारा दारोमदार टिका हुआ है। जम्मू जिले की सात निकायों में से चार पर भाजपा को बहुमत है, जबकि कठुआ के छह में से पांच निकायों पर भाजपा का दबदबा रहा।
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जम्मू संभाग के अन्य जिलों में भाजपा की हालत पतली रही। पुंछ की दोनों निकायों पर निर्दलीयों का कब्जा हो गया है। पुंछ में भाजपा को चार सीटें मिलीं जबकि सूरनकोट में एक भी सीट नहीं मिल सकी। सांबा जिले में निर्दलीयों का जोर रहा। जिले की चार निकायों में से केवल बाड़ी ब्राह्मणा में भाजपा अपना चेयरमैन बनाने की स्थिति में है। अन्य तीन निकायों रामगढ़, विजयपुर व सांबा में भाजपा की तुलना में निर्दलियों का बेहतर प्रदर्शन रहा है।
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चिनाब वैली ने भाजपा को नकार दिया है। किश्तवाड़ में 13 सीटों में से भाजपा को मात्र एक सीट मिली है। डोडा जिले के तीन निकायों के 37 सीटों में से मात्र सात पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत हुई है। डोडा व भद्रवाह में तीन-तीन तथा ठाठरी में एक सीट पर भाजपा प्रत्याशी जीते हैं।
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रामबन जिले के तीन निकायों में से बटोत को छोड़कर अन्य कहीं भी भाजपा का चेयरमैन बनता नहीं दिख रहा है। बनिहाल में कांग्रेस ने बढ़त बनाई है। रामबन में भाजपा व कांग्रेस में से जिसे भी निर्दलियों का समर्थन मिलेगा वह अपना चेयरमैन बना सकेगा क्योंकि यहां तीनों को दो-दो सीटें मिली हैं। उधमपुर जिले के उधमपुर में पैंथर्स का चेयरमैन बनना तय है। रामनगर और चिनैनी में भाजपा को बहुमत है। रियासी जिले के दोनों निकायों रियासी व कटड़ा में भाजपा का चेयरमैन बनेगा।
राजोरी जिले के पांच निकायों में से नौशेरा व सुंदरबनी में भाजपा को क्लीन स्वीप मिला है, लेकिन थन्नामंडी व कालाकोट से भाजपा का सूपड़ा साफ है। राजोरी में भाजपा व कांग्रेस को बराबर-बराबर छह सीटें मिलने से निर्दलियों पर सारा दारोमदार टिका हुआ है। जम्मू जिले की सात निकायों में से चार पर भाजपा को बहुमत है, जबकि कठुआ के छह में से पांच निकायों पर भाजपा का दबदबा रहा।
भाजपा के लिए खतरे की घंटी
भाजपा के दो सांसद (उधमपुर-डोडा से पीएमओ राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह व जम्मू-पुंछ से जुगल किशोर शर्मा) व 25 विधायकों के होने के बाद भी जम्मू संभाग के पांच जिलों में जनता की ओर से पार्टी के विजय रथ को रोका जाना खतरे की घंटी मानी जा रही है। इसे भाजपा से लोगों की नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि भाजपा-पीडीपी सरकार में जम्मू की उपेक्षा की गई। इससे लोगों में भारी नाराजगी है।
लद्दाख क्षेत्र में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिल सकी
लद्दाख क्षेत्र के कारिगल व लेह म्युनिसिपल कमेटी के लिए हुए चुनाव में भाजपा के खाते में एक भी सीट नहीं आई। यहां से भाजपा के सांसद थुपत्सन चिवांग हैं। क्षेत्र की 26 सीटों में से कांग्रेस को आठ सीटें मिली हैं।
कश्मीर संभाग में भी खिला कमल
कश्मीर संभाग में भी कमल खिला है। आतंकवाद प्रभावित दक्षिणी कश्मीर के सभी जिलों में भाजपा की शहरी सरकार बननी है। श्रीनगर नगर निगम के 74 वार्ड में से 53 पर निर्दलीय उम्मीदवारों का कब्जा रहा। कांग्रेस को 16 और भाजपा को चार सीटें मिलीं। दक्षिणी कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित अनंतनाग जिले के 10 निकायों में से छह पर भाजपा अपना अध्यक्ष बनाने की स्थिति में है। इनमें पहलगाम, अशमुकाम, सीरहमदान, काजीगुंज, मट्टन व बिजबिहाड़ा है। उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले की छह निकायों की 88 सीटों में से भाजपा के खाते में 23 सीटें गई हैं। यहां सोपोर, कुंजर, वतरगाम में भाजपा अपना चेयरमैन बनाने की स्थिति में है। दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले के देवसर, कुलगाम में भी भाजपा के अध्यक्ष बनेंगे।
पुलवामा जिले के पांच निकायों में से पुलवामा, त्राल व पांपोर में भाजपा के अध्यक्ष बनना तय है। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में भाजपा के सहयोगी रहे सज्जाद गनी लोन का तीनों निकायों कुपवाड़ा, हंदवाड़ा व लंगेट में कब्जा रहा है। दक्षिणी कश्मीर के शोपियां में भाजपा का कब्जा हुआ है। गांदरबल में निर्दलीय हावी रहे तो बडगाम में कांग्रेस फायदे में है। चरारे शरीफ में उसका अध्यक्ष बनना तय है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के चुनाव क्षेत्र बीरवाह में 13 में से 12 सीटों पर चुनाव नहीं हो सका। यहां की एक सीट पर निर्दल प्रत्याशी की जीत हुई है। चाडूरा में भी कांग्रेस का अध्यक्ष बनना तय है। बांदीपोरा जिले के तीनों निकायों बांदीपोरा, सुंबल व हाजिन में भाजपा की हालत पतली रही है।
पुलवामा जिले के पांच निकायों में से पुलवामा, त्राल व पांपोर में भाजपा के अध्यक्ष बनना तय है। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में भाजपा के सहयोगी रहे सज्जाद गनी लोन का तीनों निकायों कुपवाड़ा, हंदवाड़ा व लंगेट में कब्जा रहा है। दक्षिणी कश्मीर के शोपियां में भाजपा का कब्जा हुआ है। गांदरबल में निर्दलीय हावी रहे तो बडगाम में कांग्रेस फायदे में है। चरारे शरीफ में उसका अध्यक्ष बनना तय है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के चुनाव क्षेत्र बीरवाह में 13 में से 12 सीटों पर चुनाव नहीं हो सका। यहां की एक सीट पर निर्दल प्रत्याशी की जीत हुई है। चाडूरा में भी कांग्रेस का अध्यक्ष बनना तय है। बांदीपोरा जिले के तीनों निकायों बांदीपोरा, सुंबल व हाजिन में भाजपा की हालत पतली रही है।