BJP का नेकां के साथ मिलकर सरकार बनाने का इरादा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर में वोट के लिहाज से सबसे बड़ी पार्टी बन कर इतिहास बनाने वाली भाजपा राज्य में अपने नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी। चुनाव नतीजे आने के बाद मंगलवार शाम प्रधानमंत्री निवास पर हुई पार्टी की कोर ग्रुप की औपचारिक बैठक में नरेंद्र मोदी के बाद संघ ने भी सूबे में सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का निर्देश दिया है।
पीएम की हरी झंडी के बाद राज्य के सह प्रभारी राम माधव ने फोन पर अलगाववादी नेता और विधायक सज्जाद लोन से इन संभावनाओं पर चर्चा की है। फिलहाल पार्टी का इरादा नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के साथ सरकार की अगुवाई कर राज्य में कमल खिलाने का इतिहास रचने का है। इसके लिए पार्टी एनसी के रुख का बेसब्री से इंतजार कर रही है।
पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि अगर एनसी भाजपा की अगुवाई में सरकार बनाने पर राजी हुई तो बहुमत के लिए जरूरी 4 सीटों का इंतजाम आसानी से हो जाएगा। भाजपा का आंकड़ा अपनी 25 और नेशनल कांफ्रेंस के 15 विधायकों के अलावा सज्जाद लोन के 2 और उधमपुर से भाजपा के बागी निर्दलीय विधायक पवन गुप्ता को जोड़कर 43 पहुंच रहा है।
पीडीपी और एनसी ने अपने पत्ते नहीं खोले
पार्टी रणनीतिकारों को उम्मीद है कि दो अन्य निर्दलीय भी उसके पाले में आ जाएंगे। पार्टी को लगता है कि इस सूबे में सरकार बना कर वह न केवल देश दुनिया को नया संदेश दे सकती है, बल्कि घाटी के युवाओं को भी मुख्य धारा में लाकर आतंकवाद जैसी समस्या को हल कर सकती है।
पार्टी कांग्रेस को हर हाल में सत्ता से दूर रखने के लिए पीडीपी के रुख पर भी गंभीरता से नजर रख रही है। पार्टी ने पीडीपी के साथ सरकार बनाने के विकल्प को दूसरे तो पीडीपी या एनसी को बाहर से समर्थन देने का विकल्प तीसरे नंबर पर रखा है।
चूंकि पीडीपी और एनसी ने अपने पत्ते फिलहाल नहीं खोले हैं और सीटों का गणित उलझाने वाला है, इसलिए राज्य के सत्ता का पेच खुलने में समय लगने की संभावना है। पीडीपी ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। कांग्रेस के बिना मांगे समर्थन देने के बावजूद उसने चुप्पी साध रखी है।