कश्मीर मुद्दे पर जहर उगलने वाले बिलावल का यूटर्न
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पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी अपने पिछले बयान पर पलट गए है। बिलावल ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया कश्मीर मुद्दे को लेकर नहीं रूकनी चाहिए। कश्मीर पर अपनी हालिया टिप्पणी के संदर्भ में 26 वर्षीय बिलावल ने कहा कि कश्मीर पर उनकी टिप्पणियों को लेकर भारत के लोग उन्हें गलत नहीं समझें।
पाक की पूर्व पीएम बेनजरी भुट्टो व पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के पुत्र बिलावल अपनी पहली जनसभा में कहा कि पीपीपी के रुख को गलत न समझें। जब मैं कश्मीर के बारे में बात करता हूं तो इसका मतलब यह नहीं है हम चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच की शांति प्रक्रिया इस मुद्दे के जरिये बंधक बन जाए, लेकिन यह निश्चित है कि कश्मीर मुद्दे का समाधान केवल कश्मीरी जनता की इच्छा के अनुसार ही हो।
पाकिस्तान के भविष्य के प्रधानमंत्री के रूप में पेश किए जा रहे बिलावल ने कहा, लेकिन निश्चित तौर पर भुट्टोवाद के तहत ही मुद्दे का समाधान कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप होगा। बिलावल की यह टिप्पणी उनके इस बयान के कुछ दिन बाद आई है कि पाकिस्तान पूरे कश्मीर को हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर पर उनकी हालिया टिप्पणी पर भारत में तीखी प्रतिक्रिया हुई है।
बिलावल ने मुशर्रफ पर साधा निशाना
बिलावल ने कहा, क्यों, क्योंकि जब मुशर्रफ जैसा तानाशाह कश्मीर के बारे में बोलता है तो भारत कहता है कि आईएसआई शामिल है, जब कोई मुल्ला बोलता है तो वे कहते हैं कि आतंकवादी शामिल हैं। लेकिन जब कोई भुट्टो कहता है तो वे जानते हैं कि यह लोगों की आवाज है। उन्होंने कहा, जब मैंने कश्मीर के बारे में बोला तो भारत बलूचिस्तान के बारे में बोला। भारतीय मीडिया ने मेरे खिलाफ दुष्प्रचार शुरू कर दिया।
बिलावल ने सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) सरकार की विदेश नीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, हमारे पास ऐसा प्रधानमंत्री है जो भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण समारोह में जाने और शामिल होने को उत्सुक रहता है। यह हमारी विदेश नीति है।
उन्होंने कहा, हमारे पास ऐसा प्रधानमंत्री है जो संयुक्त राष्ट्र सत्र में गया और सिर्फ जो. बाइडेन से मिलकर बिल्ली की तरह आ गया, जबकि नरेंद्र मोदी ने ओबामा से मुलाकात की। वर्ष 2018 में आम चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके बिलावल पीपीपी के प्रमुख हैं जो भारत के साथ आधिकारिक स्तर पर अच्छे संबंध चाहती है।
बिलावल ने आधिकारिक रुप से शुरु किया अपना राजनैतिक कैरियर
बिलावल ने बड़े रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू करने के लिए रैली के लिए 18 अक्तूबर का दिन चुनकर एक उचित फैसला किया है। आपको बताते चलें कि बेनजीर भुट्टो आठ साल के निर्वासन के बाद 18 अक्तूबर 2007 को पाकिस्तान लौटी थीं।
रैली को पूर्व प्रधानमंत्रियों यूसुफ रजा गिलानी और और राजा परवेज अशरफ ने भी संबोधित किया। दक्षिणी सिंध प्रांत की सत्तारूढ़ पार्टी पीपीपी ने दावा किया कि रैली में लगभग 10 लाख लोग शामिल हुए।
यह आंकड़ा पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से भिन्न है। सिंध पुलिस के अनुसार रैली में 120,000 लोग शामिल हुए, जबकि अन्य सुरक्षा एजेंसियों और गृह विभाग ने रैली में शामिल होने वालों की संख्या 100,000 बताई।