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जम्मू के क्रिकेट मैदानों को तैयार करेगी बीसीसीआई
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 22 Mar 2015 08:05 PM IST
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पिछले साल सितंबर में भीषण बाढ़ से शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम श्रीनगर को भारी क्षति पहुंची थी। जम्मू में तवी किनारे स्थित जीजीएम साइंस कालेज के हास्टल ग्राउंड को भी नुकसान हुआ था। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) ने राज्य के स्टेडियमों की ताजा हालत पर एक प्रस्ताव बनाकर बीसीसीआई को भेजा है।
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इसमें स्टेडियमों की हालत के अलावा पिछले चार साल से बीसीसीआई की ओर से फंड जारी न होने का मुद्दा भी उठाया जाएगा। जेकेसीए के चेयरमैन अरविंदर सिंह मिक्की के अनुसार बीसीसीआई की अगली बैठक में राज्य के क्रिकेट स्टेडियमों और अन्य मामलों को रखा जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि करीब चार साल पहले घोटाले के बाद बीसीसीआई की ओर से जेकेसीए को नियमित फंड जारी नहीं किए गए हैं। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से भी राज्य के क्रिकेट ढांचे पर बुरी मार पड़ी है। व्यस्तता के चलते बीसीसीआई की टीम राज्य के क्षतिग्रस्त स्टेडियमों का अभी तक जायजा नहीं ले पाई है।
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पिछले साल बाढ़ से शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम श्रीनगर पर मैदान के साथ मिशनरी, कार्यालय और अन्य जरूरी चीजें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। मैदान को थोड़ा दुरुस्त बनाया गया है। लेकिन अन्य क्षेत्रों में काम नहीं हो पाया है। जेकेसीए की ओर से स्टेडियम और अन्य मामलों में करीब चार करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
बाढ़ के बाद चुनावी रैलियों से भी स्टेडियम की हालत ज्यादा खराब हुई। इससे जम्मू-कश्मीर से अपने घरेलू मैदानों पर रणजी के चार मुकाबलों की मेजबानी भी छिन गई थी। इस सीजन अभी तक राज्य के क्रिकेट स्टेडियमों पर कोई बड़ी स्थानीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की जा सकी है।
यही नहीं रणजी के कोचिंग कैंप को भी बाहर नागपुर में आयोजित करवाना पड़ा। दूसरी ओर बजालता में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के प्रोजेक्ट पर भी काम शुरू नहीं हो पाया। इस स्टेडियम के निर्माण के लिए वर्ष 2011 में 540 कनाल की भूमि पर सरकार की ओर से जेकेसीए को ट्रांसफर की गई थी, लेकिन अभी तक प्रोजेक्ट का नींव पत्थर ही नहीं रखा जा सका है।