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बाढ़ का कहर झेल कटड़ा नवरात्र के लिए तैयार

Tue, 23 Sep 2014 09:17 PM IST
Updated Tue, 23 Sep 2014 09:17 PM IST
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base camp of vaishno devi ready for navratri festival

शारदीय नवरात्र के लिए श्री माता वैष्णो देवी का आधार शिविर कटड़ा तैयार है। मां के भक्तों के स्वागत के लिए एशिया चौक, बस स्टैंड, भूमिका मार्ग पर स्वागत गेट स्थापित किए गए हैं। एशिया चौक से बस स्टैंड (जम्मू मार्ग) पर रोशनी की विशेष व्यवस्था की गई है।

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बाढ़ त्रासदी से इस बार कटड़ा नवरात्र फेस्टिवल को रद्द किया गया है। स्थानीय रघुनाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के साथ सादगी भरे तरीके से नवरात्र मनाए जाएंगे। जम्मू में बावे वाली माता सहित अन्य महामाई के मंदिरों में विशेष सजावट की गई है। इसके साथ ही आगामी 25 सितंबर से पूरा शहर महामाई की भक्ति में डूब जाएगा।
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बाढ़ त्रासदी के कारण कटड़ा नवरात्र फेस्टिवल में श्री मद्भागवत कथा को छोड़कर अन्य कोई सांस्कृतिक गतिविधि नहीं होगी। पहले नवरात्र पर दोपहर को कटड़ा में कलश यात्रा निकाली जाएगी जो रघुनाथ मंदिर में संपन्न होंगी। यहां भागवत कथा का शुभारंभ होगा जो अंतिम नवरात्र तक चलेगी।
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रोजाना 15 हजार यात्री वैष्णो देवी पहुंच रहे

base camp of vaishno devi ready for navratri festival

आयोजक कमेटी के प्रधान सरदारी लाल दुबे ने बताया कि भागवत कथा के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बाढ़ के बाद रोजाना करीब 15 हजार यात्री वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। नवरात्र में संख्या बढ़ने की उम्मीद है। तीनों ट्रैक से यात्रा सुचारु रूप से जारी है। नवरात्र के लिए जम्मू के प्रमुख बावे वाली माता के मंदिर में भी विशेष सजावट की गई है।

यात्रियों की सहूलियत के लिए कई नए निर्माण किए गए हैं। दरबार को जाने वाले पहले मार्ग पर सीढ़ियों के साथ प्लेटफार्म का निर्माण किया गया है। इस बार कोरिया से विशेष रूप से मंगवाई गई एलईडी (फ्लट लाइट) की रोशनी से मंदिर परिसर की सुंदरता देखते ही बनेगी।

श्रद्धालुओं को रंग-बिरंगी रोशनी में मां का दरबार नई शक्ल में देखने का मौका मिलेगा। नवरात्र में मां के दरबार में सुख समृद्धि की कामना लेकर लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। सूर्य पुत्री तवी किनारे बसे इस मंदिर का निर्माण करीब दो सौ साल पूर्व महाराजा गुलाब सिंह ने करवाया था। जम्मू-कश्मीर में यह एकमात्र महाकाली का मंदिर है, जहां प्राकृतिक पिंडी विराजमान है।

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