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बैंक हड़ताल: 150 करोड़ रुपये का लेन-देन रुका

Wed, 03 Dec 2014 07:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Wed, 03 Dec 2014 07:00 PM IST
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Banking transactions in public sector banks hit due to strike

यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर रियासत के तमाम राष्ट्रीयकृत बैंकों में बुधवार को हड़ताल से कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। रियासत में कार्यरत 22 बैंकों की 1500 शाखाएं बंद रहीं। क्लीयरिंग हाउस बंद होने से लगभग डेढ़ सौ करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ है।

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हालांकि कुछ निजी बैंकों और रियासत के सबसे बड़े जेएंडके बैंक के खुले रहने से लोगों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन हड़ताली बैंकों में बैंकिंग कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को मायूस होना पड़ा। वेतन रिवाइज को लेकर देश के तमाम बैंकों के कर्मचारी नवंबर 2012 से संघर्षरत हैं।
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जम्मू प्रोविंस बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी अरुण गुप्ता के अनुसार बैंकों की नौ यूनियनों के साझा मंच यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) ने इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के साथ बातचीत की। इस दौरान यूनियन ने लचीला रुख अपनाया।
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यूएफबीयू ने 23 फीसदी रिवाइज का आफर दिया था, लेकिन आईबीए 11 फीसदी वृद्धि की बात कर रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि आईबीए का रुख सकारात्मक नहीं है। इसी कारण बैंक मुलाजिमों को हड़ताल का सहारा लेना पड़ा।

उन्होंने कहा कि जोनल वाइस हो रही हड़ताल के तहत मंगलवार को दक्षिण भारत के बैंकों ने हड़ताल की। बुधवार को राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत के बैंक हड़ताल पर रहे। अब पूर्व और पश्चिम भारत के बैंक हड़ताल पर जाएंगे।

हड़ताल से रोजाना बैंक ट्रांजेक्शन करने वाले व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के तमाम हड़ताली बैंकों में सुबह से ही ताले लटके मिले। जिन ग्राहकों को हड़ताल की जानकारी नहीं थी, उन्हें बैंक से मायूस लौटना पड़ा।

शालामार स्थित पीएनबी शाखा के सामने बैंक अधिकारियों ने नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। आल इंडिया बैंक आफिसर एसोसिएशन के शीर्ष नेता अश्वनी प्रधान ने आईबीए की कड़ी आलोचना की है और अपील की कि केंद्र सरकार मामले में हस्तक्षेप कर मामले को हल करवाए।


आफिसर एसोसिएशन के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी (जम्मू) सुरेश बाली ने कहा कि प्रस्तावित 11 फीसदी की वृद्धि काफी कम है। महंगाई के दौर में सरकार को मुलाजिमों की मांग पर घोषणा करनी चाहिए।

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