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जीएमसी में डॉक्टर ने रक्तदाता पर पेन से किया हमला, जांच शुरू
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जम्मू। जीएमसी के ऑनकोलॉजी (कैंसर) वार्ड में डॉक्टर पर मरीज को खून देने आए रक्तदाता पर पेन से हमला करने का आरोप लगा है। घायल का आरोप है कि उसने वार्ड की सफाई कराने को कहा था, जिस पर डॉक्टर भड़क गए और पेन से हमला कर दिया। मारपीट भी की। उसके माथे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट पहुंची है। घायल ने डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. नसीब चंद डिगरा के अनुसार मामला संज्ञान में आया है। दोनों पक्षों से बात की जा रही है। सभी पहलुओं पर जांच चल रही है। घायल और डॉक्टर पक्ष से जवाब तलब किया गया है।
एक रक्तदाता उपलब्ध करवाने वाली संस्था यूथ फार ह्यूमेनिटी के सदस्य सर्वजीत सिंह ने बताया कि उन्हें जीएमसी से एक कैंसर मरीज की खून की मांग संबंधी कॉल आई थी। वह रक्तदाता को साथ लेकर वहां गए। जब वह ऑनकोलॉजी वार्ड में पहुंचे तो वहां गंदगी का आलम था। इस पर उन्होंने डॉक्टर से कहा कि रक्तदाता के हाथ में जो खून का पैकेट है उसे मरीज को चढ़ा दें और उसे कितने और यूनिट चढ़ना है इसके बारे में बताएं। इसके साथ उनसे वार्ड में गंदगी को दुरुस्त बनाने को कहा, लेकिन इस पर डॉक्टर बिगड़ गए और अभद्र व्यवहार करने लगे। उनका आरोप है कि डॉक्टर ने आपा खोकर उन पर हाथ में पकड़े पेन से हमला कर दिया, जिससे उन्हें चोट आई है। इस मामले को लेकर संबंधित एचओडी ने अपने डाक्टर की गलती मानी है। जीएमसी के एसएचओ के संज्ञान में भी मामला लाया गया है। वहीं, संस्थान के एक अन्य सदस्य तेजेंद्र सिंह ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है। संस्था कोविड के बीच जरूरतमंद मरीजों को रक्तदान देने का काम कर रही है। डाक्टर और पुलिस कर्मी भी सम्मानजनक काम कर रहे हैं।
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एक रक्तदाता उपलब्ध करवाने वाली संस्था यूथ फार ह्यूमेनिटी के सदस्य सर्वजीत सिंह ने बताया कि उन्हें जीएमसी से एक कैंसर मरीज की खून की मांग संबंधी कॉल आई थी। वह रक्तदाता को साथ लेकर वहां गए। जब वह ऑनकोलॉजी वार्ड में पहुंचे तो वहां गंदगी का आलम था। इस पर उन्होंने डॉक्टर से कहा कि रक्तदाता के हाथ में जो खून का पैकेट है उसे मरीज को चढ़ा दें और उसे कितने और यूनिट चढ़ना है इसके बारे में बताएं। इसके साथ उनसे वार्ड में गंदगी को दुरुस्त बनाने को कहा, लेकिन इस पर डॉक्टर बिगड़ गए और अभद्र व्यवहार करने लगे। उनका आरोप है कि डॉक्टर ने आपा खोकर उन पर हाथ में पकड़े पेन से हमला कर दिया, जिससे उन्हें चोट आई है। इस मामले को लेकर संबंधित एचओडी ने अपने डाक्टर की गलती मानी है। जीएमसी के एसएचओ के संज्ञान में भी मामला लाया गया है। वहीं, संस्थान के एक अन्य सदस्य तेजेंद्र सिंह ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है। संस्था कोविड के बीच जरूरतमंद मरीजों को रक्तदान देने का काम कर रही है। डाक्टर और पुलिस कर्मी भी सम्मानजनक काम कर रहे हैं।
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