वोट डालने आओ, यहीं मिलेगा नाश्ता-पानी
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मुश्किल मौसम के साथ-साथ आतंकी और अलगाववादी हरकतों के बावजूद पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार अधिक मतदान कराने के लिए चुनाव आयोग ने भी कोशिशें शुरू कर दी हैं।
इसके लिए आयोग केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में वेक अप कश्मीर नाम से हर चौक चौराहे और संस्थान में जागरूकता अभियान चलाएगा। आयोग यह भी सुनिश्चित करेगा कि मतदान केंद्रों में ठंड से बचाव के लिए हीटर और अन्य बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी।
इनमें चाय-पानी से लेकर शौचालय तक का प्रबंध शामिल है। पिछले विधानसभा चुनाव में रियासत में 61.16 फीसदी मतदान हुआ था। इसमें कश्मीर संभाग में मतदान प्रतिशत कम रहा था। खासतौर से जैदीबल में 17.30 फीसदी, ईदगाह में 22, बाटमालू में 19, हजरतबल में 28.29 फीसदी ही मतदान हुआ था।
मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए की जा रही कवायद
वहीं हब्बाकदल में 11.62, खनयार में 17.41 फीसदी ही वोट पड़े थे। गांदरबल सीट जहां से वर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला चुनाव लड़े थे वहां पर 51 फीसदी मतदान हुआ था।
इस बार विधानसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा लोग मतदान करने घरों से बाहर निकलें इसके लिए उन्हें वोट की ताकत का महत्व समझाने के लिए मतदान करने में उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या न आए इसके लिए केंद्रों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने पर जोर दिया गया है।
इस मिशन की कामयाबी के लिए कश्मीर के गांदरबल और बांडीपोरा विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम की निगरानी को दो केंद्रीय पर्यवेक्षक जो कि भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी हैं, पहुंच चुके हैं। केंद्रीय पर्र्यवेक्षक लेह और कारगिल में भी जाएंगे ताकि मतदान प्रतिशत में वहां भी बढ़ोतरी हो सके और 2008 के मुकाबले में इस बार ज्यादा लोग मतदान करने पहुंचे। जम्मू संभाग में भी जन जागरूकता पर जोर रहेगा।