कश्मीर मुद्दे पर भारत ने चीन को फिर चेताया
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लबें समय से अरुणाचल प्रदेश और कश्मीर को अपना अभिन्न अंग बताने वाले चीन को एक बार फिर से भारत की ओर से इसका स्पष्ट जबाव दे दिया गया है। चीन शुरु से भारत उत्तर पूर्वी राज्यों को अपना बताता रहा है।
अब भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर भारत के अभिन्न और अहस्तांतरणीय अंग हैं। यह बात उच्च स्तर सहित चीन को स्पष्ट रूप से बता दी गयी है। संसद में कांग्रेस सांसद मुल्लापल्ली रामचंद्रन द्वारा एक पत्र लिखकर सुषमा स्वराज को चीन द्वारा अपनी सेना को एक विवादित नक्शे का वितरण किये जाने पर उनकी चिंता से सहमति जतायी थी।
सुषमा ने रामचंद्रन को लिखे पत्र में कहा, चीन और भारत के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर विवाद उठाता है। पूर्वी हिस्से में चीन अरुणाचल में भारतीय भू-भाग के करीब 90,000 वर्ग किमी हिस्से पर दावा करता है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में चीन ने 38,000 वर्ग किमी भारतीय भूभाग पर कब्जा कर रखा है। चीन और पाक के दो मार्च, 1963 के तथाकथित सीमा करार के तहत पाकिस्तान ने पीओके में भारतीय भूभाग का 5,180 वर्ग किमी हिस्सा चीन को सौंप दिया।
कई बार चीन को चेताया गया है
विदेश मंत्री ने आगे कहा कि भरत ने चीन को अनेक अवसरों पर और उच्च स्तरीय मीटिंगों के दौरान स्पष्टतौर पर बता चुका है कि अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर भारत के अभिन्न और अहस्तांतरणीय अंग हैं।
भारत ने ये भी जोड़ा कि अक्साई चीन जम्मू कश्मीर के लद्दाख जिले का हिस्सा है जोकि इस समय चीन के कब्जे में है। वहीं चीन भी अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताता रहा है। चीन ने कहना है कि भारत ने अरुणाचल प्रदेश कब्जा कर रखा है।
हालांकि भारत और चीन के बीच इन मुद्दों पर तनाव चुमार में देखने को मिला था। जब चीन की सीमा की तरफ सड़क बना रहे कुछ चीनी मजदूर भारतीय क्षेत्र में घुस आये और उन्होंने भारतीय क्षेत्र में पांच किलोमीटर अंदर तिबले तक सड़क बनाने का निर्देश होने का दावा किया था।