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घाटी के लोगों को सेना का ऋणी होना चाहिए- जितेंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
Updated Thu, 18 Sep 2014 12:56 AM IST
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पीएमओ में मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने अलगाववादियों के रुख पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अन्य लोगों की तरह उन्हें भी सेना और अन्य सुरक्षा बलों का शुक्रगुजार होना चाहिए।
स्वतंत्र भारत में यह पहली दफा हुआ है कि आपदा के दौरान प्रदेश स्तर का प्रशासन बेबस हो गया और केंद्र ने पहुंचकर रिकॉर्ड स्तर पर राहत बचाव अभियान को अंजाम दिया। ऐसे हालात में अलगाववादियों सहित घाटी के तमाम लोगाें को सुरक्षा बलों का ऋण महसूस करना चाहिए।
डा. सिंह ने कहा कि वह आलोचनात्मक टिप्पणी करने में विश्वास नहीं करते लेकिन घाटी में बाढ़ की वजह से जो हालात बने और उसमें केंद्र सरकार ने सुरक्षा बलों की मदद से जो भूमिका निभाई वह विरली मिसाल है।
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बाढ़ प्रभावित रियासत में जम्मू संभाग के साथ भेदभाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि घाटी के हालात अलग हैं। पूरा शहर और आवासीय इलाके जलमग्न हो गए।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग में उधमपुर, रियासी, पुंछ और राजोरी में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित तमाम इलाकों के लिए असीमित राहत की व्यवस्था की गई है। जिला स्तर पर प्रशासन के माध्यम से जो भी मांग की जाएगी उसे पूरा किया जाएगा।
राहत के तौर पर राशन सहित अन्य तमाम सामग्री और वित्तीय सहायता के लिए केंद्र ने व्यापक स्तर पर मदद करने की व्यवस्था कर दी है। इस पर अमल के लिए बेहतर होगा कि स्थानीय जन प्रतिनिधियों को भरोसे में लेकर लाभार्थियों तक मदद पहुंचाई जाए। घाटी के हालात पर उन्होंने कहा कि खुद प्रधानमंत्री रोजाना हाल जान रहे हैं।
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स्वतंत्र भारत में यह पहली दफा हुआ है कि आपदा के दौरान प्रदेश स्तर का प्रशासन बेबस हो गया और केंद्र ने पहुंचकर रिकॉर्ड स्तर पर राहत बचाव अभियान को अंजाम दिया। ऐसे हालात में अलगाववादियों सहित घाटी के तमाम लोगाें को सुरक्षा बलों का ऋण महसूस करना चाहिए।
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डा. सिंह ने कहा कि वह आलोचनात्मक टिप्पणी करने में विश्वास नहीं करते लेकिन घाटी में बाढ़ की वजह से जो हालात बने और उसमें केंद्र सरकार ने सुरक्षा बलों की मदद से जो भूमिका निभाई वह विरली मिसाल है।
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बाढ़ प्रभावित रियासत में जम्मू संभाग के साथ भेदभाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि घाटी के हालात अलग हैं। पूरा शहर और आवासीय इलाके जलमग्न हो गए।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग में उधमपुर, रियासी, पुंछ और राजोरी में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित तमाम इलाकों के लिए असीमित राहत की व्यवस्था की गई है। जिला स्तर पर प्रशासन के माध्यम से जो भी मांग की जाएगी उसे पूरा किया जाएगा।
राहत के तौर पर राशन सहित अन्य तमाम सामग्री और वित्तीय सहायता के लिए केंद्र ने व्यापक स्तर पर मदद करने की व्यवस्था कर दी है। इस पर अमल के लिए बेहतर होगा कि स्थानीय जन प्रतिनिधियों को भरोसे में लेकर लाभार्थियों तक मदद पहुंचाई जाए। घाटी के हालात पर उन्होंने कहा कि खुद प्रधानमंत्री रोजाना हाल जान रहे हैं।