जम्मू-कश्मीर बैंक के पूर्व चेयरमैन और उनके भाई के घर एसीबी का छापा, कई अहम दस्तावेज सील
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जम्मू कश्मीर बैंक के हाल ही में बर्खास्त चेयरमैन परवेज अहमद नेंगरू की संपत्तियों पर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की अलग-अलग टीमों ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान कई दस्तावेज और फाइलें भी की जब्त की गईं।
सूत्रों के अनुसार एसीबी की टीमों ने बुधवार को श्रीनगर में छापा मारा, जिनमें पूर्व चेयरमैन का सरकारी और निजी बंगला शामिल रहा। सबसे पहले सुबह एक टीम श्रीनगर के रेजिडेंसी रोड स्थित जेके बैंक के पूर्व चेयरमैन के सरकारी आवास पर छापा मारा गया। बाद में एक टीम श्रीनगर के बादशाह नगर स्थित निजी मकान पर भी छापा मारा।
इस दौरान एसीबी के अधिकारियों ने कई दस्तावेज, फाइलें और कंप्यूटर, लैपटाप आदि खंगाले और कुछ अपने साथ सीज कर ले गए। बता दें कि इन दोनों जगहों पर कई घंटे कार्रवाई चलती रही। एसएसपी रैंक के अधिकारियों की अगुवाई में यह टीमें मौके पर पहुंची। उनके साथ मजिस्ट्रेट के अलावा पुलिस और सीआरपीएफ के जवान भी थे। कार्रवाई को लेकर एसीबी ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं बताया।
गौरतलब है कि बैंक के चेयरमैन के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान घोर अनियमितताएं और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोपों के बाद 8 जून को नेंगरू को सरकार ने बर्खास्त कर दिया था। उन्हें एक अंतरिम अध्यक्ष द्वारा बदल दिया गया था जबकि एक खोज समिति की स्थापना एक नए अध्यक्ष और राज्य के प्रमुख वित्तीय संस्थान के प्रबंध निदेशक की तलाश के लिए की गई थी।
एचआरडी सेक्शन सील
परवेज को हटाए जाने के एक घंटे बाद ही शनिवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बैंक के मुख्यालय में छापा मारा था। छह घंटे तक चली कार्रवाई में परवेज अहमद के कार्यकाल के दौरान हुई भर्ती प्रक्रिया, ट्रांसफर प्रक्रिया तथा कामकाज से संबंधित 100 से अधिक फाइलें जब्त की गईं थी। चेयरमैन सचिवालय और एचआरडी सेक्शन को भी सील कर वहां पुलिस की तैनाती कर दी गई।
कामकाज में सुधार के लिए उठाया कदम
चेयरमैन को हटाए जाने के बाद सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि बैंक के शासन और कार्यप्रणाली संबंधित चिंताओं के साथ-साथ कामकाज में सुधार को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। दीर्घकालिक उपाय के तहत यह निर्णय लिया है ताकि यह अच्छी तरह से सरकार के स्वामित्व वाले बैंक का उदाहरण बन सके।
आरबीआई के निर्देशों की हो रही थी अनदेखी
जेके बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बार-बार निर्देशित किया गया था कि बेहतर प्रशासन के लिए अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के पदों को अलग किया जाए। कार्रवाई के बाद बैंक के पूर्व चेयरमैन परवेज अहमद ने कहा था कि निश्चित रूप से कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने अपना कार्य पूरी लगन व ईमानदारी से संस्था के बेहतर हित में किया है। वह किसी भी मामले की जांच के लिए तैयार हैं।