कुपवाड़ा में प्रदर्शनकारियों ने सेना के कैंप पर किया हमला, फायरिंग में एक और युवक की मौत
- घाटी के कई इलाकों में उग्र प्रदर्शन
- फायरिंग में मरने वालों की संख्या हुई पांच
- कश्मीर घाटी के संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां
- अलगाववादियों के बंद के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
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घाटी में लगातार दूसरे दिन भी इंटरनेट सेवा और तीसरे दिन रेल सेवा ठप रही। श्रीनगर सहित घाटी के कई इलाकों में जबर्दस्त प्रदर्शन हुए। सुरक्षाबलों पर पथराव किया गया। हुर्रियत (एम) तथा जेकेएलएफ के मार्च को सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया।
इस दौरान एक दर्जन से अधिक अलगाववादी समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। श्रीनगर, कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में सख्त पाबंदियां लागू रहीं। संवेदनशील इलाकों में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।
कुपवाड़ा के नटनुसा गांव में सेना के बंकर पर स्थानीय नागरिकों ने हमला बोल दिया।
श्रीनगर के जामिया मस्जिद में नहीं दी गई नमाज की अनुमति
पथराव कर रही उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सेना को गोली चलानी पड़ीं। इसमें पांच लोग घायल हो गए। इसमें से गंभीर रूप से घायल 11वीं कक्षा के छात्र आरिफ अहमद की मौत हो गई। चार अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। त्राल में भी प्रदर्शनकारियों ने सीआरपीएफ कैंप पर हमला किया।
गांदरबल के कंगन तहसील में जामिया मस्जिद के बाहर प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया। इस दौरान आजादी के हक में नारेबाजी कर रही हिंसक भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। यहां पथराव कर रहे एक दर्जन से अधिक युवाओं को हिरासत में लिया गया है।
दक्षिणी कश्मीर के विभिन्न इलाकों तथा श्रीनगर से भी हिंसक प्रदर्शन की खबरें हैं। श्रीनगर के जामिया मस्जिद में शुक्रवार को नमाज की अनुमति नहीं दी गई। फायरिंग में युवकों की मौत के विरोध में हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक के घर के बाहर से मार्च निकालने की कोशिश को सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया। इस दौरान एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं को रोका गया। जेकेएलएफ के भी दर्जनभर से अधिक कार्यकर्ताओं को अबी गुजर इलाके में हिरासत में लिया गया।
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा, क्रालगुंड, हंदवाड़ा, मागाम तथा लंगेट में सख्त पाबंदियां रहीं। श्रीनगर के महाराज गंज, खानयार, नौहट्टा, रैनावारी तथा मायसूमा में भी पाबंदियां हैं। जगह-जगह कंटीले तार लगाकर रास्ता रोक दिया गया था।