लाखों का घोटाला, DC समेत 6 पर FIR
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आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए मैट और अन्य सामान खरीदने में हुए घोटाले में विजिलेंस ने तत्कालीन डीसी कुपवाड़ा और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। विजिलेंस के अनुसार जिला स्तरीय खरीद कमेटी ने वर्ष 2013-14 में 3,02,263 मीटर मैट खरीदा था।
आरोप है कि कमेटी के चेयरमैन और जिले के तत्कालीन डीसी इतरत हुसैन व अन्य सदस्यों मोहम्मद कासिम (डीपीओ), गुलाम नबी भट (तत्कालीन ट्रेजरी अफसर), मुश्ताक अहमद भट (तत्कालीन असिस्टेंट डायरेक्टर सीएपीडी कुपवाड़ा), कुपवाड़ा के तत्कालीन सीएमओ डा. अलीम और अली मोहम्मद मीर (जनरल मैनेजर, डीआईसी कुपवाड़ा) ने मिलीभगत से उक्त खरीद को मंजूरी दी।
कमेटी के सदस्यों से मिलीभगत कर सप्लायर खुर्शीद अहमद मलिक (हंदवाड़ा) ने बाजार से ज्यादा कीमत में माल सप्लाई कर सरकारी खजाने को 15,11,315 रुपये का चूना लगाया। विजिलेंस ने सभी अधिकारियों और सप्लायर के खिलाफ पीसी एक्ट और आरपीसी की धारा 120-बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एफसीआई से राशन नहीं उठाया
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से आया राशन उठाने की बजाय ज्यादा कीमत में बाजार से राशन खरीद कर सरकारी खजाने को लाखों की चपत लगाने वाले समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस आर्गनाइजेशन जम्मू ने केस दर्ज किया है।
विजिलेंस के अनुसार ‘गेहूं आधारित पोषाहार कार्यक्रम’ के तहत विभाग को एफसीआई से चावल का कोटा उठाना था। जम्मू संभाग के संबंधित सीडीपीओ ने वर्ष 2009-10 में एफसीआई के स्टोर से समय पर चावल नहीं उठाए। इसकी जगह पर जम्मू, रियासी, उधमपुर, पुंछ जिलोें के सीडीपीओ ने बाजार से चावल खरीदे गए।
विजिलेंस ने जांच में पाया कि बाजार से चावल खरीदने पर सरकारी खजाने को 16,22,611 रुपये की चपत लगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ पीसी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।