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अमरनाथ यात्रा से पहले हाई अलर्ट: बाबा बर्फानी के दर्शन होंगे सुरक्षित, गृह मंत्री शाह ने की उच्चस्तरीय बैठक
Fri, 12 Jun 2026 12:07 PM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: Nikita Gupta
Updated Fri, 12 Jun 2026 12:07 PM IST
सार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और संचालन तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की।
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अमित शाह ने सुरक्षा तैयारियों का लिया जायजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को आगामी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और संचालन संबंधी तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं।
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बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, सीआरपीएफ महानिदेशक जी.पी. सिंह सहित कई वरिष्ठ सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
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57 दिनों तक चलने वाली यह पवित्र यात्रा हिमालय में समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा तक पहुंचती है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे और कठिन बालटाल मार्ग का उपयोग करेंगे।
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अधिकारियों के अनुसार यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए आधुनिक निगरानी तकनीक, खुफिया तंत्र और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अत्याधुनिक जांच और एंटी-सबोटाज उपकरण तैनात किए हैं। इनमें पोर्टेबल आरसीआईईडी जैमर, डीप सर्च मेटल डिटेक्टर, विस्फोटक पहचान उपकरण, सीसीटीवी सिस्टम और अन्य विशेष सुरक्षा उपकरण शामिल हैं।
यात्रा मार्ग पर काम करने वाले श्रमिकों और विक्रेताओं के सत्यापन के लिए पुलिस ने क्यूआर कोड आधारित 'पहचान ऐप' भी शुरू किया है। इस ऐप के जरिए कर्मचारियों और व्यापारियों का डिजिटल सत्यापन किया जाएगा जिससे सुरक्षा और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, किरायेदार सत्यापन अभियान, आवास केंद्रों की जांच और खुफिया जानकारी जुटाने की गतिविधियों को भी तेज कर दिया गया है।
सीआरपीएफ जो अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है, वे अपनी तैयारियों की व्यापक समीक्षा की है। सीआरपीएफ महानिदेशक जी.पी. सिंह ने हाल ही में कश्मीर घाटी का दौरा कर बालटाल मार्ग और बेस कैंप की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सतर्कता बढ़ाने और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सुरक्षा बलों, प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।