EXCLUSIVE: आतंकी हमले की आशंका के चलते बदला गया अमरनाथ यात्रा का मार्ग
पांपोर में सीआरपीएफ पर बड़े आतंकी हमले के बाद श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए अहम फैसला लिया गया है। यात्रा को आधार शिविर बालटाल पहुंचाने के लिए कश्मीर में पारंपरिक सड़कों का प्रयोग करने के बजाय पहली बार बिजबिहाड़ा-खन्नाबल बाईपास का प्रयोग होगा।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया को जल्द बिजबिहाड़ा-खन्नाबल बाईपास को श्री अमरनाथ यात्रियों के वाहनों के लिए प्रयोग करने लायक बनाने को कहा है। इस काम में रेलवे क्रासिंग का भी प्रयोग होगा।
इसके लिए रेलवे से मंजूरी ले ली गई है। नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया के क्षेत्रीय परियोजना निदेशक आरपी सिंह का कहना है कि बिजबिहाड़ा खन्नाबल बाईपास श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान प्रयोग हो, इसके लिए सभी उचित कदम उठाए जा रहे हैं। काजीगुंड से खन्नाबल तक फोर लेन सड़क भी खुलने से यात्रा को सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा बल भी बाईपास, रिंग रोड का प्रयोग कर सकेंगे
रेलवे क्रासिंग के इस्तेमाल को मंजूरी मिल चुकी है। आंतरिक सड़कों में वाहनों की भीड़ ज्यादा रहती है। पुलवामा जिले के पांपोर में सड़क पर यातायात को नियंत्रण करना मुश्किल भरा रहता है। इसलिए आतंकी हमले की आशंका भी बनी रहती है। बाईपास से यात्रा निकालने से बेहतर तरीके से सुरक्षा बंदोबस्त किए जा सकेंगे। हालांकि पहले कुछ दिन यात्रा पारंपरिक मार्ग से जा सकती है।
कश्मीर में आतंकी और आत्मघाती हमलों से सुरक्षा बलों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए बाईपास और रिंग रोड काफी अहम भूमिका अदा करेंगे। 60 किलोमीटर लंबे गलंदर बिजाल तक कश्मीर घाटी में रिंग रोड बनाया जाना है। इस रिंग रोड के माध्यम से गुलमर्ग और लेह श्रीनगर मार्ग भी जुड़ेगा। इसके अलावा कश्मीर में तीन बाईपास रोड भी बन रहे हैं।