अमरनाथ यात्रा: बस खाई में गिरी, मुसलमानों ने बचाई भोले के घायल भक्तों की जान
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बाबा बर्फानी के दर्शन कर लौट रही बस बुधवार सुबह तड़के हादसे की शिकार हो गई। इस हमले में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 27 लोग गंभीर घायल हो गए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'बिजबेहरा कस्बे के नजदीक जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रियों से भरी एक बस से चालक का नियंत्रण खो गया, जिसके बाद बस फिसल कर खाई में जा गिरी।
हादसे में मरने वालों में एक श्रद्धालु और बस का ड्राइवर शामिल है। मरने वालों की पहचान प्रमोद कुमार गुप्ता पुत्र पन्ना लाल गुप्ता निवासी उद्देश्य नगर मेरठ, बिलाल मीर पुत्र युसुफ मीर निवासी कंगन के रुप में हुई है।
इस हादसे में घायल हुए अधिकतर यात्री मेरठ के रहने वाले बताए जा रहे हैं। गंभीर रुप से घायल सभी यात्रियों श्रीनगर इलाज के लिए भेजा गया है।
कर्फ्यू की परवाह न कर सभी को पहुंचाया अस्पताल
बस के खाई में गिरने के बाद प्रशासन की ओर से तत्काल कोई इंतजाम न होने की वजह से स्थानीय मुसलमानों ने घायल सभी 27 अमरनाथ यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया। बुरहान के मारे जाने के बाद फैली हिंसा तथा कर्फ्यू की परवाह न करते हुए इन मुसलमानों ने घायल श्रद्धालुओं को अपने वाहनों से पास के अस्पताल पहुंचाया। कुछ को तो वे श्रीनगर के अस्पताल भी ले गए।
महबूबा ने स्थानीय लोगों को किया सैल्यूट
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने संगम इलाके के हलमुल्ला तथा आसपास के लोगों की ओर से घायल यात्रियों को बचाने के लिए किए गए प्रयास की सराहना की। उन्होंने दो श्रद्धालुओं की मौतों पर शोक जताते हुए कहा कि स्थानीय लोगों ने कश्मीर की समृद्ध सांप्रदायिक सद्भाव तथा भाईचारे की परंपरा का परिचय दिया है।
उन्होंने कानून व्यवस्था की स्थिति की परवाह न करते हुए मौके पर पहुंचकर घायल अमरनाथ यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया। कश्मीरियों की यह पहचान है और इस महत्वपूर्ण संस्कृति को बचाए रखने के लिए सभी को संघर्ष करना चाहिए।
यह देखा गया है कि कश्मीरियों को चाहे किसी भी मुसीबतों का सामना क्यों न करना पड़े वह भाईचारे की परंपरा का निर्वाह कठिन परिस्थितियों में भी करते हैं। उन्होंने लोगों की इस मानवता की भावना को सैल्यूट करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस परंपरा का निर्वाह होना चाहिए।