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J&K: कड़ी सुरक्षा के लिए सजग हुईं सुरक्षा एजेंसियां, अब भीतरी इलाके भी सर्विलांस पर
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 14 Oct 2016 09:54 PM IST
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घाटी में तैनात जवान
- फोटो : PTI
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रियासत में आतंकी हमलों में आई तेजी को देखते हुए सुरक्षा ग्रिड और मजबूत होगा। सुरक्षा बल आतंक रोधी अभियान भी तेज करेंगे।
राज्यपाल एनएन वोहरा की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह फैसले लिए गए। पांपोर आतंकी हमले के बाद सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा करने के लिए राज्यपाल ने सेना, पुलिस, सीआरपीएफ सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों के आला अफसरों के साथ विस्तार से चर्चा की।
राज्यपाल शासन के दौरान पठानकोट हमले के बाद रियासत में मल्टी एजेंसी सिक्योरिटी ऑडिट पर जोर दिया गया था। इसी का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा हाल के दिनों में पुंछ, उड़ी, हंदवाड़ा और पांपोर आतंकी हमलों को लेकर सुरक्षा तंत्र मजबूत करना होगा।
बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक अब न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी बल्कि भीतरी इलाकों को भी सर्विलांस पर रखा जाएगा। हिंसा की वजह से जिन इलाकों में आतंक रोधी अभियान रुके हैं, उन्हें तेजी से अंजाम दिया जाएगा। रियासत के सिविल और सैन्य प्रतिष्ठानाें को विशेष सुरक्षा घेरा दिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां आपस में तालमेल बढ़ाकर सुरक्षा के मिशन को पूरा करेंगी।
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राज्यपाल एनएन वोहरा की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह फैसले लिए गए। पांपोर आतंकी हमले के बाद सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा करने के लिए राज्यपाल ने सेना, पुलिस, सीआरपीएफ सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों के आला अफसरों के साथ विस्तार से चर्चा की।
राज्यपाल शासन के दौरान पठानकोट हमले के बाद रियासत में मल्टी एजेंसी सिक्योरिटी ऑडिट पर जोर दिया गया था। इसी का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा हाल के दिनों में पुंछ, उड़ी, हंदवाड़ा और पांपोर आतंकी हमलों को लेकर सुरक्षा तंत्र मजबूत करना होगा।
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बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक अब न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी बल्कि भीतरी इलाकों को भी सर्विलांस पर रखा जाएगा। हिंसा की वजह से जिन इलाकों में आतंक रोधी अभियान रुके हैं, उन्हें तेजी से अंजाम दिया जाएगा। रियासत के सिविल और सैन्य प्रतिष्ठानाें को विशेष सुरक्षा घेरा दिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां आपस में तालमेल बढ़ाकर सुरक्षा के मिशन को पूरा करेंगी।
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