Agneepath Scheme: अग्निपथ के विरोध में सड़कों पर उतरे जम्मू कश्मीर के युवा, जगह-जगह किया प्रदर्शन
जम्मू में युवाओं ने रिहाड़ी चुंगी स्थित सेना कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया। इसमें 2021 में हुई सेना भर्ती की लिखित परीक्षा करवाने की मांग की।
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केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना जम्मू-कश्मीर के युवाओं को भी रास नहीं आई है। वीरवार को प्रदेश के कई हिस्सों में युवाओं ने सड़कों पर उतरकर इस योजना का विरोध किया। प्रेस क्लब जम्मू से युवाओं ने रैली निकालकर तवी पुल पर यातायात जाम कर सरकार से इस योजना को कृषि कानूनों की तरह रद्द करने की मांग की।
सेना कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया
युवाओं ने रिहाड़ी चुंगी स्थित सेना कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया। इसमें 2021 में हुई सेना भर्ती की लिखित परीक्षा करवाने की मांग की। युवाओं ने कहा कि चार साल फौज में नौकरी करने के बाद उनका भविष्य क्या होगा, पता नहीं। हम देश की सेवा करना चाहते हैं, लेकिन चार साल के लिए नहीं।
युवा बोले- सरकार सपने को तोड़ रही
हम होश संभालते ही सेना में जाने का सपना देखते हैं, लेकिन अब सरकार न सिर्फ इस सपने को तोड़ रही है, बल्कि उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। प्रदर्शनकारी युवा सोहन कुमार ने कहा कि पहले कोरोना का हवाला देकर दो साल तक सेना भर्ती नहीं करवाई गई।
अग्निपथ योजना लाकर हमारी उम्मीदों को तोड़ दिया
अब अग्निपथ योजना लाकर हमारी उम्मीदों को तोड़ दिया। जम्मू शहर के बाहरी क्षेत्र अरनिया में भी युवाओं ने अग्निपथ योजना का विरोध किया। उधर, अखनूर और विजयपुर में भी सेना में चार साल भर्ती सेवा देने की योजना पर क्षेत्र के युवाओं में रोष है।
कठुआ में अग्निपथ योजना के विरोध में पूर्व मंत्री लाल सिंह प्रेसवार्ता कर कहा कि देश की सेना बर्बादी की ओर जा रही है। अग्निपथ योजना से युवाओं में आक्रोश बढ़ रहा है, जो देश और समाज के लिए ठीक नहीं।
चार साल की नौकरी के बाद भविष्य की चिंता
सरकार ने चार साल के लिए युवाओं को सेना में भर्ती करने का फैसला लिया है। इसमें सिर्फ 25 फीसदी की सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है। युवाओं ने कहा कि चार साल की नौकरी के बाद हमारा भविष्य क्या होगा। सरकार कहती है कि सेवा से बाहर होने वाले अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र बलों की भर्ती में प्राथमिकता मिलेगी, लेकिन कारगिल युद्ध में सेना के मददगार बने पोटर्स को अभी तक नौकरी नहीं मिली है।
2021 में हुई भर्ती की लिखित परीक्षा कब ?
जम्मू में प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने कहा कि 2019 में सरकार ने सैना भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। इसके बाद 2021 में दौड़ और शारीरिक जांच हुई, लेकिन लिखित परीक्षा नहीं हुई। सरकार कोरोना का हवाला देकर परीक्षा को स्थगित करती रही, जबकि इस बीच उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के चुनाव हुए, लेकिन परीक्षा नहीं हुई।